लावारिश मरीजों से सौतेला व्यवहार कर रहा जिला चिकित्सालय

बिना स्टेचर मरीजों को उठाकर वार्ड तक लाती है मित्र पुलिस

’अयोध्या। सूबे के मुख्यमंत्री जहा एक तरफ सरकारी अस्पताल को प्राइवेट जैसा बनाने की कोशिश में प्रयासरत है वही उनके हाकिम आदेशों को अनसुना कर अपनी मनमानी कर रहें हैं। ऐसा ही एक वाक्य शुक्रवार को जिला अस्पताल अयोध्या में देखने को मिला। जहा पुलिस द्वारा एक लावारिश वृद्ध को बीमार हालत में रिक्शे पर बैठा कर जिला अस्पताल लाया गया। सिपाहियों द्वारा बार बार डियूटी पर तैनात इमरजेंसी इंचार्ज फार्मासिस्ट हनुमंत प्रसाद दुबे से स्ट्रेचर मागा जा रहा था पर स्ट्रेचर नही दिया गया। तब सिपाहियों ने तीमारदारों की मदद से बीमार को उठा कर इमरजेंसी ओपीडी तक पहुंचाया गया तब वृद्ध का इलाज सुरु हो सका। इस तरह चीता 5 के सिपाही रवि मलिक व भूपेंद्र पाल ने मित्र पुलिस होने का तो परिचय दिया पर अस्पताल जहा का एक एक कर्मचारी मरीजों का बेहतर इलाज व सेवा करने की शपथ लेता है वह अपने कर्तव्यों से मुह मोड़ता दिखाई दे रहा हैं। ऐसा पहली बार नही हुआ बल्कि कई बार हो चुका है कि जब कोई गंभीर मरीज अस्पताल आता है और उसे वार्ड तक जाने के लिए स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ता है और नही मिलता तो तीमारदार स्वयं मरीज को गोद मे या अन्य की मदद से उठा कर वार्ड तक पहुंचाया जाता रहा हैं और सायद आगे भी ऐसा ही देखने को मिलेगा। वही इस बारे में जब सीएमएस डा. एके राय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जानकारी कर उक्त कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

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