अयोध्या। शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट द्वारा काकोरी एक्शन की शताब्दी (1925-2025) के अवसर पर काकोरी एक्शन के महानायक, अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ के शहादत दिवस पर 19 दिसम्बर को प्रातः 11.30 बजे पुष्पराज चौराहे से ’याद करो कुर्बानी मार्च’ गगन भेदी नारे इंकलाब जिंदाबाद, क्रांतिकारी परंपरा जिंदाबाद,सांझी शहादत सांझी विरासत जिंदाबाद,शहीद तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचायेगे,हमारी एकता जिंदाबाद,काकोरी के अमर शहीदों को लाल सलाम आदि नारे लगाते हुए, आदि नारे लगाते हुए फ़ैज़ाबाद जेल तक निकाला गया। बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग, लेखकों, संस्कृति कर्मियों और समाजसेवियों ने इस मार्च में हिस्सा लेते हुए कारागार स्थित शहीद अशफाक उल्लाह खान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा कि आज ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन भी है।
उन्होंने कहा कि आज के इस संगठित मार्च का उद्देश्य काकोरी कांड के अमर शहीदों के बलिदान को याद करना है। यह हमारा कर्तव्य है कि काकोरी के शहीदों की क्रांतिकारी चेतना और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाये। इस अवसर पर कवि-लेखक डॉ विशाल श्रीवास्तव ने कहा आज़ादी की लड़ाई के मूल्यों के साथ धर्मनिरपेक्षता, समानता और सामाजिक बराबरी के पुरोधा इन क्रांतिकारियों को याद करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। कवि-चिंतक आर डी आनंद ने कहा कि क्रांतिकारियों के जीवन और समर्पण से हमें सीख लेते हुए ख़ासकर नई पीढ़ी को जागरूक बनना चाहिए। पत्रकार डॉ सुमन गुप्ता ने प्रगतिशील मूल्यों से लैस क्रांतिकारियों के योगदान को भारत की आज़ादी का सबसे अहम हिस्सा बताया।
शायर मुजम्मिल फ़िदा ने आज़ादी की लड़ाई में गंगा जमुनी तहज़ीब के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में बाबूराम गौड़, रामदास सरल, पूजा श्रीवास्तव, रामदुलारे बौद्ध, शिवधर द्विवेदी, शशिकांत, अखिलेश सिंह, महावीर पाल, बीएसएनएल यूनियन से तिलकराज तिवारी, सामाजिक क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष रामकुमार यादव, समाजवादी महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल, प्रशांत यादव, पल्लन श्रीवास्तव, धीरज द्विवेदी, मालती तिवारी, प्रेरणा, आलोक तिवारी, शिवांगी नंदा, आनंद सिंह, राम प्रसाद, ओमवती, गीता, रीना शर्मा, आराधना सिंह, गीता देवी, अनीता सहित बड़ी संख्या में शहर के बौद्धिक लेखक, समाजसेवी और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे।