हिन्दी के बिना राष्ट्र का विकास सम्भव नहीं: राजू दास

हिन्दी दिवस समारोह की हुई तैयारी बैठक

अयोध्या । मातृभाषा हिन्दी को पूर्ण आत्मसात किये बिना राष्ट्र का विकास सम्भव नहीं,, उक्त बातें आज यहां हिन्दी प्रचार-प्रसार सेवा संस्थान द्वारा आगामी 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी व सम्मान समारोह की तैयारी बैठक की अध्यक्षता करते हुए समाज सेवी युवा संत राजू दास ने कही, स्थानीय तुलसी स्मारक भवन अयोध्या में आयोजित बैठक में बोलते हुए मं. राजू दास ने कहा कि भारत की राष्ट्रभाषा जब तक हिन्दी नहीं बनती तब तक इसे विश्व की सम्पर्क भाषा बनाने का प्रयास बेईमानी साबित होगी। हिन्दी के राष्ट्रभाषा घोषित होने से ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रसार पूरी दुनिया में संभव हो सकेगी। बैठक का संचालन करते हुए संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डाॅ0 सम्राट अशोक मौर्य ने बताया कि संस्थान द्वारा 14 सितम्बर को आयोजित समारोह की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली है। उक्त अवसर पर संस्थान ने समाज के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, जिसकी विधिवत घोषणा बैठक में की गयी। उक्त अवसर पर समस्त कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 6 समितियों को गठन किया गया। बैठक में दिनेश कुमार सिंह वत्स, शिवकुमार मिश्र, डाॅ0 रामकरन ंिसह कुशवाहा, गुड़िया त्रिपाठी, म0 मनीराम दास जी, वैद्य आरपी पाण्डे, दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव, बबलू कुमार, कालिका प्रसाद, हरिओम मिश्र, विकांशूू मौर्य, जगदम्बा प्रसाद चैधरी, फूलचन्द्र मौर्य, भानुप्रताप सिंह, शिवाजी कुशवाहा, विन्ध्यवासिनी पांडिया, ओंकारनाथ पाण्डे, डाॅ0 सोनी शर्मा, शुभम राही, अनिरूद्ध प्रसाद शुक्ल, चक्रवर्ती मौर्य, गोविन्द स्वामी, अशेाक सिंह, खलीक अहमद, डाॅ0 आनन्द उपाध्याय, दीपचन्द राही, अजय मौर्य, विन्ध्याचल, अछैवर मौर्य, अनूप श्रीवास्तव, अंजनी मौर्य, मदनप्रकाश मौर्य, आनन्दस्वरूप गौड़, आदि उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़े  जन्मभूमि परिसर का होगा विस्तार, ट्रस्ट ने खरीदी और जमीन

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More