-विधायक के प्रति किया गया गुस्से का इजहार, जय श्रीराम के नारों से गूँजा तहसील मुख्यालय

सोहावल। विगत 3 वर्षों से विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आंखों की किरकिरी बने बभनियावां स्थित लोक निर्माण विभाग की भूमि में सड़क के किनारे बने ईदगाह को अब तक न हटाए जाने से आक्रोशित हिंदूवादी दोनों संगठनों के 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय तक प्रदर्शन किया और उप जिलाधिकारी कार्यालय के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। तहसील क्षेत्र के बभनियावां चौराहा के पास बने ईदगाह को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों पक्ष आमने-सामने आते रहे है ।
बीते वर्षों में नवरात्र दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान भी हिंदू धर्मावलंबी इसे लेकर विरोध जताते रहे जिनका दावा है प्रशासन द्वारा तीन बार स्थलीय पैमाइश कर रिपोर्ट ईदगाह के विरुद्ध दी गई है। इसके बावजूद इस विवादित ईदगाह को अब तक हटा पाने में प्रशासन नाकाम रहा है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे संत पवन देव जी महाराज, परमात्मा दास, महंत संत दास, धर्मेन्द्र सिंह, सूर्यकांत पांडे जिला संयोजक बिहिप बजरंग दल, विकास शर्मा, लाल जी शर्मा, रामसागर पांडे, सत्येंद्र प्रताप सिंह, उदयभान, आदि के साथ तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सविता देवी, सीओ सदर योगेंद्र कुमार आदि के साथ हुई वार्ता असफल होने के बाद आंदोलन कर रहे विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना उप जिलाधिकारी कार्यालय के बगल शुरू कर दिया।
प्रदर्शन करने वालों का गुस्सा क्षेत्रीय विधायक को लेकर भी सामने आया जिन्होंने अब तक मामले में हस्तक्षेप नहीं किया तो प्रशासनिक अधिकारी अभी फिर से स्थलीय पैमाइश की बात कह रहे हैं। धरने में शामिल होने वालों में संत दास/राजेश सिंह मानव,परमात्मा दास, कथा व्यास पवन देव दास, राधा कृष्णा नंद सरस्वती,राम अभिलाष नाथ, लालजी शर्मा,धर्मेन्द्र सिंह, भानु सिंह, प्रभाकर सिंह,शिव सागर पाण्डेय, हरिश्चन्द्र मौर्या आदि सहित अनेक साधु संत मौजूद रहे।चलते धरना प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र द्वितीय से सदस्य जिला पंचायत चंद्रभान सिंह धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। धरना प्रदर्शन कार्यो ने कहा कि मामला ढाई तीन साल पुराना है।
तब से लगातार लटकाया जा रहा है। कई बार पैमाइश के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। जब तक निस्तारण नहीं हो जाता हम लोग यहीं डटे रहेंगे। उप जिलाधिकारी सविता देवी ने कहा कि मामला पुराना है। शनिवार को इसकी अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी पैमाइश के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। धरना प्रदर्शन कारियों के साथ चल रही वार्ता विफल रही।