-महंत धर्मदास ने ट्रस्ट भंग करने की उठाई मांग
अयोध्या। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए खरीदी गई जमीन में घोटाले के आरोप के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है।अब रामनगरी के संत धर्माचार्य भी जांच के पक्ष में हैं।
शुक्रवार को इस पूरे प्रकरण के मामले को लेकर राम मंदिर के पक्षकार रहे व निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने ट्रस्ट भंग कर जांच व दोषियों की गिरफ्तारी करने की मांग उठाई है। महंत धर्मदास ने आरोप लगाया है कि भगवान रामलला की संपत्ति का बंदरबांट कर रहे हैं। जिसके लिए जल्द ही पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजेंगे।
निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने ट्रस्ट पर आरोप लगाते हुए कहा कि रामलाल के साथ धोखा किया जा रहा है। जो भी पैसा दान में आया वह भगवान का मंदिर निर्माण के लिए आया है। लेकिन ट्रस्ट में शामिल लोग व्यापारी है। अयोध्या कभी करोड़ों का जमीन नही बिका आज यह लोग करोड़ों की जमीन खरीद कर पैसे का बंदरबाट किया जा रहा हैं। ऐसे में अबिलम्ब इस ट्रस्ट को भंग कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पीएम, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूँ कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराए और इस जमीन के खरीदारी में गवाह बने हुए हैं उनके संपत्ति की भी जांच कराई जाए। और तत्काल गिरफ्तार किया जाए। महंत धर्मदास ने कहा कि इस राम जन्मभूमि के लिए अयोध्या का साधु समाज और तीनों निर्वाणी अनि अखाड़ा द्वारा लड़ाई लड़ा गया। और 19489 में बाबा अभिराम दास द्वारा श्री रामलला की प्रतिमा स्थापित की गई।
उसके बाद आज मंदिर निर्माण होने का फैसला मिला। जिसके लिए देश के भक्त मंदिर निर्माण के लिए पैसा दिया गया। लेकिन मंदिर निर्माण की जगह अन्य स्थान पर जमीन खरीदी जा रही है। यह किसके इशारे पर कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में 50 से अधिक मकान व जमीन खरीद चुके हैं। लेकिन ट्रस्ट के अध्यक्ष की भी इस सभी प्रकरण की कोई जानकारी नही दी गई। अयोध्या के लोगो का भी कहना है कि ट्रस्ट के महासचिव चम्पतराय सहित अन्य लोग इस्तीफा दें।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के लोग धोखेबाज हैं। सिर्फ लूटने के लिए आये हुए हैं। और अब इस मामले में जांच कर कार्रवाई हो इसके लिए पीएम मोदी, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।