अयोध्या। साकेत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य रहे डा. एचबी सिंह को छात्रसंघ पदाधिकारियों, नेताओं व शिक्षकों, शिक्षासेवियों व कर्मचारियों ने गुरुवार को भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। महाविद्यालय के राजा जगदम्बिका प्रताप नारायण सिंह सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता बाबा कमलेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल यादव, अनिल सिंह राना ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह राना ने प्राचार्य को विराट व्यक्तित्व वाला बताया।
कहा कि वह पूर्ण रूप से संस्थान थे। उन्होंने प्राचार्य बनने के बाद कालेज को नई ऊंचाई दी। कई शैक्षिक प्रखंड निर्मित कराए। वह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने वाले थे। छात्र नेताओं को तराशते रहे। उन्होंने स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि कभी हम उनसे लड़ते थे, लेकिन उनका छात्रनेताओं के प्रति दुलार कम नहीं होता था। संवाद कर छात्रनेताओं उन्हें अपना मुरीद बना लेते थे।
पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल यादव ने कहा कि वह छात्र राजनीति का सम्मान करते थे। बताया कि ऐसा भी हुआ जब वह हमारे साथ विश्वविद्यालय प्रशासन से लड़े भी। पूर्व अध्यक्ष अभिषेक मिश्र ने कहा कि प्राचार्य जी देखने में जितने कठोर दिखते थे, वह भीतर से उतने ही नरम दिल के थे। विद्यार्थियों की पढ़ाई की चिंता करते तो अनुशासन के संस्कार का रोपण भी करते। इससे पहले समाज सेवी सूर्यकांत पांडेय ने कहा कि वह कालेज के प्राचार्य ही नहीं थे बल्कि वह सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित थे। उन्हें समाज की चिंता रहती थी। संवेदनशील विषयों पर वह आवाज उठाते थे।
सपा जिलाध्यक्ष व छात्रसंघ पूर्व उपाध्यक्ष पारस नाथ यादव, पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह विद्यार्थी, पूर्व महामंत्री आद्या शंकर सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष सुनील तिवारी शास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता शीलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष संजय विद्यार्थी, डा. कनक बिहारी पाठक, वरिष्ठ छात्र नेता अरुण प्रकाश वर्मा, अजय मिश्रा, जनमेजय सिंह बाबा, नागेश प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष गौरव सागर, आभाष यादव, अमन मेंहदी, विनय पांडेंय, अरविंद तिवारी, प्रदीप यादव, बृजेश पटेल, जालिम सिंह, पवन यादव बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।