दुनियां का सबसे बड़ा लिखित भारतीय संविधान : प्रो. रविशंकर सिंह

 कहा-समन्वय व जीवंत लोकतंत्र की कुंजी

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में गुरूवार को राष्ट्रीय संविधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने कहा कि आज का दिन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वृहद आत्म मंथन के उपरांत निर्मित भारतीय संविधान दुनियां का सबसे बड़ा संविधान है। दुनियां के कई लोकतांत्रिक देशों के संवैधानिक व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के उपरांत भारतीय संविधान निर्माताओं ने इसे तैयार किया। भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को समान अवसर मिले, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, मौलिक अधिकारों का समावेश भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण विशेषता है। कुलपति ने कहा कि दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र की संवैधानिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जाना सभी भारतवासी के लिए गर्व का विषय है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में अपनायी गई नीतियां लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है।
कार्यक्रम का संबोधित करते हुए विधि संकायाध्यक्ष डॉ0 अशोक कुमार राय ने कहा कि भारतीय संविधान में विधायिका, न्याय पालिका, कार्यपालिका, व्यवस्थापिका का स्पष्ट रूप से वर्णन है। संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए न्याय पालिका सक्रिय रहती है। संविधान का सही क्रियान्वयन विधायिका एवं कार्यपालिका करती है। डॉ0 राय ने बताया कि संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए शिक्षण संस्थाओं में संविधान की उद्देशिका को पठन-पाठन में लागू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एवं देश के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्र को उद्बोधित किया और सभी के संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में ही डॉ0 अशोक कुमार राय द्वारा विधि पर लिखित पुस्तक का विमोचन कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो0 नीलम पाठक ने किया। इस अवसर कुलसचिव उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह, प्रो0 चयन कुमार मिश्र, प्रो0 राजीव गौण, प्रो0 गंगा राम मिश्र, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, प्रो0 एसएस मिश्र, प्रो0 शैलेन्द्र कुमार वर्मा, प्रो0 फारूख जमाल, प्रो0 आशुतोष सिन्हा, डॉ0 गीतिका श्रीवास्तव, डॉ0 नरेश चौधरी, डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डॉ0 राजेश सिंह कुशवाहा, डॉ0 सुरेन्द्र मिश्र, डॉ0 विनय कुमार मिश्र, डॉ0 मुकेश वर्मा, डॉ0 आरएन पाण्डेय, डॉ0 अनुराग पाण्डेय, इंजीनियर शाम्भवी मुद्रा शुक्ला, डॉ0 अनिल विश्वा, डॉ0 त्रिलोकी यादव, डॉ0 प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ0 अंशुमान पाठक, डॉ0 महेन्द्र पाल, डॉ0 संतोष पाण्डेय, इंजीनियर अनुराग सिंह, इंजीनियर जनैद्र सिंह, इंजीनियर विनीत सिंह, डॉ0 सघर्ष सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

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