शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु संगठन किसी भी स्तर तक संघर्ष के लिए तैयार : वीरेंद्र बहादुर सिंह

अयोध्या। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडे गुट) का मंडलीय धरना-प्रदर्शन मंगलवार को शिक्षा भवन अयोध्या पर सम्पन्न हुआ। धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने की तथा संचालन जिला मंत्री अमरनाथ सिंह ने किया। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री अजय सिंह ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु संगठन किसी भी स्तर तक संघर्ष के लिए तैयार है।
सुल्तानपुर के जिला अध्यक्ष ने कहा कि सेवा सुरक्षा के लिए संघ पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे हासिल किए बिना चैन से नहीं बैठेगा। बाराबंकी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि वेतन वितरण अधिनियम, पेंशन और सुविधाएं शिक्षकों को लंबे संघर्ष से मिली हैं, इन्हें किसी भी हाल में समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।
जिला मंत्री सुल्तानपुर ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो समस्याओं के समाधान के लिए बलिदान तक देने को शिक्षक तैयार हैं। शिक्षक नेता दान बहादुर सिंह ने कहा कि कार्यालयों में भ्रष्टाचार तभी समाप्त होगा जब शिक्षक एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। जिला उपाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने विपरीत मौसम के बावजूद भारी उपस्थिति को संगठन में शिक्षकों के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया। जिला संगठन मंत्री रणदीप सिंह ने कहा कि एकजुट होकर शिक्षा कार्यालयों में संघर्ष करने से ही समस्याओं का समाधान संभव है।
जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन की 11 सूत्रीय मांगें रखीं जिसमें पुरानी पेंशन योजना हर हाल में बहाल की जाए। ऑफलाइन स्थानांतरण लागू किया जाए। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हेतु शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धाराएं 12, 18 एवं 21 पुनर्स्थापित की जाएं। वर्ष 2000 के पूर्व नियुक्त शेष तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन आदेश को निरस्त किया जाए। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
शिक्षा कार्यालयों में सिटीजन चार्टर लागू कर इसका सख्ती से पालन कराया जाए। वित्तविहीन शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के दायरे में लाकर सेवा सुरक्षा व सम्मानजनक वेतन दिया जाए। व्यवसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों को विषय विशेषज्ञों की भांति पूर्ण शिक्षक का दर्जा प्रदान किया जाए। . एनपीएस का राज्यांश नियमित वेतन के साथ भुगतान किया जाए। तथा वर्ष 2000 के बाद नियुक्त तदर्थ शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हेतु सरकार ठोस समाधान निकाले। धरने उपरांत इन मांगों का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया। धरने में बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।