-पुलिस जांच में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु
अयोध्या। कचहरी परिसर में शुक्रवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक लाउडस्पीकर से परिसर खाली करने की घोषणा कर दी गई। करीब एक बजे हुई इस घोषणा के बाद वकीलों, फरियादियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कोर्ट कक्षों में चल रही सुनवाई तत्काल रोक दी गई और कई मामलों में अगली तारीख दे दी गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से पूरे कलेक्ट्रेट व कचहरी परिसर को खाली कराना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए एनाउंसमेंट से लोगों में अफरा तफरी फैल गई और लोग तेजी से बाहर निकलने लगे। कुछ समय तक परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा रही। बाद में जानकारी मिली कि कचहरी और कलेक्ट्रेट परिसर में बम होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया।
सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। वकीलों के शेड, कोर्ट कक्षों, रिकॉर्ड रूम और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई। करीब दो घंटे तक चली तलाशी के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सीओ सिटी ने बताया कि ईमेल के माध्यम से बम की सूचना मिली थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। उन्होंने कहा कि जांच में अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, फिर भी मामले की पड़ताल की जा रही है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। फैजाबाद बार काउंसिल के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि सभी वकीलों से अपील की गई है, जब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का सर्च ऑपरेशन जारी है, तब तक परिसर में ना जाएं। कोर्ट में बम होने की खबर मिली थी। परिसर खाली करने के एनाउंसमेंट पर वकील अपने चैंबरों से बाहर आ गए। कोर्ट रूम-परिसर खाली हो गया है। फिलहाल हो सकता है कि अफवाह हो, लेकिन कभी भी कोई भी घटना हो सकती है। ऐसे में लापरवाही बरतना जरूरी है।