-कुल 15 नालों में से 8 नालों का टैपिंग कार्य पूरा
अयोध्या। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अयोध्या जनपद में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत निर्मित 33 एमएलडी क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र मंझा जामथरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री जी ने संयंत्र का संपूर्ण भ्रमण किया तथा शोधित जल की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जो मानकानुसार एवं संतोषजनक पाई गई।
वर्तमान में कुल 15 नालों में से 8 नालों का टैपिंग कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष 7 नालों का कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निम्न निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि शेष नालों का टैपिंग कार्य सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। संयंत्र परिसर में व्यापक वृक्षारोपण किया जाए ताकि पर्यावरणीय संतुलन एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित हो। परिसर की स्वच्छता और नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित की जाएँ ताकि नमामि गंगे के उद्देश्यों की जानकारी समाज तक पहुँचे।
परियोजना का विस्तृत विवरण
परियोजना नाम: अयोध्या 33 MLD सीवेज शोधन संयंत्र (STP)
स्थान: मंझा जामथरा, अयोध्या
अनुमोदन: राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), नई दिल्ली द्वारा
परियोजना लागत: ₹221.21 करोड़
पूंजीगत कार्य (Capex): लगभग ₹100 करोड़
परिचालन एवं संधारण (O&M): ₹49.47 करोड़ (15 वर्ष के लिए)
कार्यान्वयन मॉडल: हाइब्रिड एन्युइटी आधारित PPP मॉडल
कॉनसेशनेयर: M/s EPEPL Ayodhya STP Pvt. Ltd.
आरंभ तिथि: 03 मार्च 2023
अनुबंधित पूर्णता तिथि: 02 जनवरी 2025
मुख्य घटक:
33 MLD क्षमता का आधुनिक SBR प्रौद्योगिकी आधारित STP
कुल 15 नालों का इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन (I&D)
मुख्य ट्रंक सीवर लाइन
सीवेज पम्पिंग स्टेशन (SPS)
वर्तमान प्रगति:
8 नाले टैप हो चुके हैं, शेष 7 का कार्य सितंबर 2025 तक पूर्ण किया जाएगा।
संयंत्र का ट्रायल रन चालू है और शोधित जल नदी संरक्षण हेतु मानकानुसार है।
इस परियोजना के पूर्ण होने पर सरयू नदी में बिना शोधन का सीधा नाला प्रवाह पूर्णतः रोका जाएगा। अयोध्या नगर के लिए स्वच्छ पर्यावरण एवं प्रदूषण-मुक्त सरयू नदी सुनिश्चित होगी। गंगा/सरयू नदी संरक्षण एवं नमामि गंगे कार्यक्रम के उद्देश्यों की पूर्ति होगी। स्थानीय लोगों को बेहतर स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय लाभ प्राप्त होंगे। मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नमामि गंगे’ अभियान को जनआंदोलन बनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और निर्मल नदी दे सकते हैं। अयोध्या का यह 33 एमएलडी एसटीपी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।