-बैठक में 05 स्टेज कैरिज, 06 टैम्पो/आटो रिक्शा के नवीनीकरण परमिट स्वीकृत
अयोध्या। मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक आयुक्त सभागार में संपन्न हुई जिसमें जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) लखनऊ राधेश्याम, सचिव संभागीय परिवहन प्राधिकरण ऋतु सिंह तथा विभिन्न प्रकरणों व आवेदनों से संबंधित आपरेटर वाहन स्वामी आदि उपस्थित रहें।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अयोध्या ने पूर्व बैठक में लिए गये निर्णयों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जिसको प्राधिकरण द्वारा अवलोकित किया गया एवं दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक में उ०प्र० मोटर यान नियमावली 1998 के नियम-57 के प्राविधानों के अन्तर्गत सम्भागीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिनिधायित शक्तियों के अर्न्तगत संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अयोध्या द्वारा जारी किये गये मालवाहन आल यूपी/नेशनल, ठेका गाड़ी, निजी सेवायान स्कूल, स्टेज कैरिज के जारी एवं नवीनीकृत परमिटों का अवलोकन करते हुए अनुमोदन किया गया।
मोटर गाड़ी अधिनियम, 1988 की धारा 72 के अन्तर्गत स्टेज कैरिज (मंजिली गाड़ी) के स्थायी परमिट स्वीकृत करने के सम्बन्ध में वाहन स्वामियों द्वारा प्रस्तुत 05 आवेदन पर विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान की गयी। पूर्व बैठक में 18 वाहन स्वामियों को स्टेज कैरिज व 01 को नगर बस सेवा का परमिट स्वीकृत किया गया था किन्तु बार-बार बैठक व नोटिस द्वारा सूचित करने के बाद भी उन आवेदकों द्वारा परमिट अभी तक प्राप्त नहीं किया गया है जिसको विलंब शुल्क सहित प्राप्त करने की तिथि 15 जुलाई, 2025 को समाप्त हो रही है। सचिव को निर्देश दिये गये कि ऐसे समस्त आवेदकों को 15 जुलाई 2025 तक विलंब शुल्क जमा करके परमिट प्राप्त कर लें। अन्यथा इसके पश्चात स्वीकृति स्वतः निरस्त समझी जाएगी।
साथ ही यह संभावना जतायी गयी कि या तो उक्त वाहन अवैध संचालन कर रहे हैं या अन्य तरह की परमिट प्राप्त कर अपना वाहन संचालित कर रहे हैं। अतः पुलिस, परिवहन आदि सभी चेकिंग अथारिटी गहनता से इनके संचालन की जाँच करें और अवैध संचालन की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही करते हुए प्राधिकरण को आख्या भेजें। मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 की धारा-81 के अन्तर्गत अनुमन्य सीमा 01 वर्ष से अधिक विलम्ब से ठेका गाड़ी परमिट (टेम्पो-टैक्सी) के प्राप्त 06 प्रकरणों के नवीनीकरण पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार नवीकरण की अनुमति प्रदान की गयी।
मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 की धारा-86 के अधीन जिन परमिट धारकों ने परमिट शतों के विरूद्ध मालयानों का संचालन करने के अभियोग में प्राधिकरण की पूर्व बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन पर विचार करते हुए इनको अपना पक्ष रखने हेतु अवसर प्रदान करते हुए निलंबन अवधि बढ़ाई गयी तथा 01 नए प्रकरण का निलंबन किया गया।