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माता-पिता की मौत के बाद बेटे ने भी तोड़ा दम

-अलीपुर खजुरी के पूर्व प्रधान और पूर्व डिप्टी जेलर की भी मौत

अयोध्या। मौत ने हर ड्योढ़ी देख ली है। खुद सुरक्षित रहें जिससे परिवार भी सलामत मिलेगा। इसके विपरीत पूरा परिवार महामारी का शिकार हो सकता है। ऐसा ही एक और मामला प्रकाश में आया है जहां एक ही घर मे तीन की मौत हुई है। पहले पिता, फिर माता उसके बाद पुत्र का भी निधन हुआ लोग कोरोना से मौत की आशंका जता रहे हैं। ताजा घटना साकेत महाविद्यालय के पूर्व उप मंत्री गिरीश पाठक के घर की है। पहले उनके पिता, फिर माता और अब गिरीश का भी आकस्मिक निधन हो गया है। बताया जा रहा कि गले में खराश और सांस लेने की तकलीफ के चलते दम तोड़ दिया है। एक दिन पहले ही गिरीश पाठक के पिता और रात्रि में माता की मृत्यु हुई थी। गिरीश पाठक की नगर के विख्यात ज्योतिष आचार्यों में भी उनकी गणना होती थी।

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वहीं मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत अलीपुर खजूरी निवासी 52 वर्षीय पूर्व प्रधान की संक्रमण से मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अलीपुर खजूरी पूरे काशी निवासी पूर्व प्रधान कालिका प्रसाद पांडे उर्फ भिल्लर पांडे के सुपुत्र पूर्व प्रधान रमेश कुमार पांडे फैजाबाद रायबरेली मार्ग स्थित सोलहवीं मील गहनागन मंदिर के पास मकान बनाकर रहते थे। बीते शुक्रवार से उन्हें बुखार, जुखाम और बदन दर्द से परेशानी शुरू हुई थी। शनिवार को वह घर पर ही रह कर दवा इत्यादि लेते रहे। रविवार को पूर्वान्ह 11 बजे उनके पुत्र अखिलेश पांडे उन्हें बाइक से बैठा कर इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में उनकी सांस अचानक फूलने लगी और देखते ही देखते उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की सूचना क्षेत्र में सनसनी फैल गई और परिवार में कोहराम मच गया। उनके दो पुत्र अखिलेश और दुर्गेश है। अखिलेश पांडे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मैं अलीपुर खजूरी सामान्य सीट से ग्राम प्रधान पद पर चुनाव भी लड़े हैं। पैतृक गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र अखिलेश ने दी। इस मौके पर काफी संख्या में क्षेत्रवासी गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।

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दूसरी ओर मंडल कारागार के पूर्व डिप्टी जेलर मूलचंद सरोज की भी कोरोना से मौत हो गई। कुछ दिन पूर्व मंडल कारागार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए थे। रायबरेली में रह रहे थे। हालत खराब होने पर अयोध्या जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। प्रोटोकॉल के तहत जमथरा घाट पर रविवार को अंतिम संस्कार किया गया।

 

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