-लखनऊ में शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद 68 साल की उम्र में हुआ निधन
अयोध्या। अयोध्या की धरती ने एक और सच्चे इंसान, एकता के सिपाही को खो दिया है। लखनऊ में शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद 68 वर्षीय मंज़र मेहंदी का घर पर ही निधन हो गया। दिल दहला देने वाली यह खबर सुनकर अयोध्या के पत्रकार जगत, साहित्यिक और सामाजिक गलियारों में सन्नाटा छा गया है। जिनकी ज़िंदगी का हर पल एकता, भाईचारे और अमन के लिए समर्पित था, वे आज हमें छोड़कर चले गए।
उर्दू सहाफत से अपनी सफर शुरू करने वाले मंज़र मेहंदी ने “आपकी ताकत“ नामक साप्ताहिक अखबार निकाला, जिसका कार्यालय चौक की मस्जिद हसन रज़ा खां में हुआ करता था। वे न सिर्फ एक कुशल पत्रकार और साहित्यकार थे, बल्कि रंगमंच के भी माहिर रंगकर्मी थे। गुलदस्ता प्रोडक्शन के बैनर तले उन्होंने अयोध्या की पावन धरती से बार-बार एकता का संदेश दिया।
हर धर्म के लोगों को मंच पर बुलाकर, ईद मिलन समारोहों में जिलाधिकारी, एसएसपी जैसे आला अधिकारियों को सम्मानित करके उन्होंने साबित किया कि अयोध्या सिर्फ मंदिर-मस्जिद की नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने की नगरी भी है। अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी के शुरुआती दिनों में भी वे जुड़े रहे और हमेशा सकारात्मक बदलाव के पक्ष में खड़े रहे। परिजनों के अनुसार करीब 7 साल पहले ओपन हार्ट सर्जरी और शुगर जैसी बीमारियों से जूझते हुए भी वे चलते-फिरते थे। रिश्तेदारी में लखनऊ गए थे, दिल्ली जाने का प्लान था… लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। शुक्रवार को अचानक सब कुछ खत्म हो गया। वे अपने पीछे चार बेटियों सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये।