-साकेत बुद्ध विहार चैरिटेबल ट्रस्ट ने कराया सहभोज व कम्बल वितरण
अयोध्या। साकेत बुद्ध विहार चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में नारी शिक्षा और सामाजिक न्याय की महान अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक सेवाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य वासुदेव मौर्य व विशिष्ट अतिथि यस एल सोनकर की उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों द्वारा महिलाओं को कंबल वितरण किया गया, जो समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम के दौरान सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने समानता और भाईचारे के साथ सहभागिता की। यह आयोजन सावित्रीबाई फुले के विचारों, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास रहा। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साकेत बुद्ध विहार चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद यादव ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने अपमान और कठिनाइयों के बावजूद नारी शिक्षा, सम्मान और समानता के लिए आजीवन संघर्ष किया।
उन्होंने 1848 में पुणे में पहला बालिका विद्यालय स्थापित कर सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित किया। जाति-भेद, छुआछूत, बाल- विवाह और महिला असमानता के विरुद्ध उनका संघर्ष ऐतिहासिक रहा। वे वास्तव में नारी चेतना की अग्रदूत थीं। अरविंद यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और नारी सम्मान, शिक्षा और सामाजिक न्याय के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।