-मनोपरामर्श देता है संबल व सामर्थ्य, मनोथकान से पुलिस फोर्स भी रहे सावधान
अयोध्या। मिशन शक्ति केंद्रों में महिलाओं को तत्काल मनोराहत व रेफरल- मार्गदर्शन हेतु पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यशाला के प्रस्तावना सम्बोधन में क्षेत्राधिकारी सदर अरविन्द सोनकर ने बताया कि प्रदेश के महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के आदेशानुपालन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के संयोजन में पुलिस थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों की सेवा प्रदाता टीम के लिये जरूरतमंद महिलाओं के साइकोलॉजिकल फर्स्ट-एड व मेन्टल-रिहैबिलिटेशन प्रशिक्षण हेतु आयोजित प्रशिक्षण सत्र से ऑन-स्पॉट काउंसलिंग स्किल्स का विकास होगा। सत्र के तकनीकी वक्ता जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वय ने बताया कि मिशन-शक्ति-5 का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा, संरक्षण, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं को एक साथ लाना है,
जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार का अभियान और केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत ’संबल’ और ’सामर्थ्य’ नामक दो कार्यक्षेत्र वाले अम्ब्रेला मिशन शामिल हैं। सत्र के साइंटिफिक वक्ता डा आलोक मनदर्शन ने आपदा या संकट की स्थिति में पीड़िता-मनोदशा के प्रति समानुभूति-संवेदीकरण पर जोर देते हुए सिंपैथी, इम्पैथी व अपैथी की बारीकी को समझाते हुए फर्स्ट-एड काउन्सलिंग के प्रमुख सिद्धान्त स्वीकार्यता, गोपनीयता, समानुभूति, भावसम्मत, संवाद, व्यक्ति-सापेक्षता व निर्णय-निरपेक्षता का पालन करते हुए सशक्तीकरण के तीन आयाम माइंड, मैटेरियल तथा माइट पर प्रकाश डाला।
साथ ही, सुरक्षा सेवा प्रदाता पुलिस टीम को वर्क-स्ट्रेस जनित मनो थकान व बर्न-आउट से निपटने के लिये पर्याप्त नींद के साथ हैप्पी हार्मोन्स डोपामिन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन तथा इंडॉर्फिन बढ़ाने वाली गतिविधियों को पर बल दिया जिससे स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसाल उदासीन होकर कार्य-व्यवहार की गुणवत्ता में अभिवृद्धि कर सके। धन्यवाद ज्ञापन महिला थानाध्यक्ष आशा शुक्ला ने दिया।