-रबी-2025-26 तकनीकी कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किए संवाद, किसानों की बेहतरी का हुआ प्रयास

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के हाईटेक हाल में बुधवार को रबी-2025-26 तकनीकी कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, उपकार के महानिदेशक डा. संजय सिंह, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के निदेशक डा. टी दामोदरन, कृषि विवि मेरठ के पूर्व कुलपति डा. गया प्रसाद, सीपीआरआई शिमिला के पूर्व निदेशक डा. एस.के पांडेय व बीएचयू वाराणसी के पूर्व अधिष्ठाता डा. ए.पी सिंह ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की। कहा कि रबी के मौसम में बोए जाने वाले गेहूं, चना, जौ, सरसो, एवं सब्जी की ऐसी प्रजातियां विकसित की जाएं जिससे कि उत्पादन में अधिक वृद्धि हो सके। कुलपति ने कहा कि विवि द्वारा विकसित प्रजातियों से किसानों को अधिक लाभ पहुंच रहा है और उनके आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने समयानुकूल प्रजातियां विकसित करने पर भी जोर दिया जिससे कि मौसम परिवर्तन के अनुसार गुणवत्तायुक्त और अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके।
कुलपति ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए मक्के की उत्तम प्रजाति को विकसित करने की भी जरूरत है। उपकार के महानिदेशक डा. संजय सिंह ने कहा कि अधिक पोषक तत्व वाले चारा फसलों का उपयोग पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बढ़ाने में मदद करता है। कहा कि ऐसी चारा फसलों का चयन किया जाए जिससे पशुओं को अधिक पोषक तत्व मिल पाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की टेक्नोलॉजी का पेटेंट करते हुए लाइसेंस दिया जाए। इससे रिवॉल्विंग फंड में इजाफा होगा और वैज्ञानिकों को ताकत मिलेगी। महानिदेशक ने विश्वविद्यालय में चल रही उपकार की सभी परियोजनाओं की समीक्षा की और वैज्ञानिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के निदेशक डा. टी दामोदरन ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखकर विवि को शोध कार्यों पर ध्यान देने की जरूरत है। किसान मजबूत होंगे तभी हमारे देश की अर्थव्यस्था मजबूत होगी। बैठक में मौजूद विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान पर संतोष व्यक्त किया साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाहर से आए अन्य वैज्ञानिकों ने भी अपने विचारों को साझा किया। बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने रबी- 2025-26 के लिए होने वाले अनुसंधान पर जानकारी साझा की।
निदेशक शोध डा. शंभू प्रसाद के संयोजन में रबी-2025-26 तकनीकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप निदेशक शोध डा. उमेश चंद्रा ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष एवं वैज्ञानिक मौके पर मौजूद रहे।