भूखे श्रमिको की भूख मिटाना वास्तविक नारायण सेवा : राजकुमार दास

चौथे दिन भी शिद्दत के साथ जारी रहा सहायता शिविर

अयोध्या। जय बाला जी शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान के तत्वावधान में देवकाली बाईपास पर लगाया गया सहायता शिविर चौथे दिन भी जारी रहा। बतौर अतिथि रामनगरी के वरिष्ठ संतो तथा प्रबुद्धजनो में सहायता शिविर में पहुच कर शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा घर वापसी कर रहे प्रवासी मजदूरों को भोजन का लंच पैकेट, मास्क, सेनेटाइजर तथा चप्पल वितरित कर वितरण की औपचारिक शुरुआत की। यह वितरण कार्य देर शाम तक चलता रहा। इस बीच वितरण कार्य कर रहे संस्थान के पदाधिकारी भी फेसकवर के साथ सोशल तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाये रहे। बुधवार की पूर्वाह्न रामनगरी के वरिष्ठ संत रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, सिद्धपीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, अवध विश्विद्यालय के पूर्व चीफप्राक्टर प्रो. अजय प्रताप सिंह व वरिष्ठ शिक्षक नेता विश्वनाथ सिंह ने संस्थान के प्रबंधक समाजसेवी शिवेंद्र सिंह के साथ शिविर की व्यवस्थाओं का विधवत निरीक्षण किया तथा अपने हाथों से मजदूरों को भोजन व सुरक्षा सामग्री के साथ चप्पल भी वितरित किया।
इस मौके पर रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि महामारी के संकट काल मे जीवन का मोह छोड़कर भूखे श्रमिको की भूख मिटाना वास्तविक नारायण सेवा है। सिद्धपीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि संस्थान के पदाधिकारियों की भावना संत स्वभाव का लक्षण है। पूर्व चीफप्राक्टर प्रो. अजय प्रताप सिंह ने संस्थान द्वारा किये जा रहे ऐसी दुर्लभ समाजसेवा को अत्यंत सराहनीय बताया जबकि वरिष्ठ शिक्षक नेता विश्वनाथ सिंह ने संस्थान द्वारा किये जा रहे समाजसेवा की मुक्तकंठ से सराहना की। इसी क्रम में संस्थान के प्रबंधक श्री सिंह ने अतिथियों को सुरक्षा सामग्री किट भेट कर उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन दीपेंद्र सिंह, राजेश दूबे, सचिन दूबे, श्रीकान्त द्विवेदी, मनोज श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, हिमांशु त्रिपाठी, मोहित सिंह, संजय सिंह, श्रीकांत द्विवेदी, हिमांशु त्रिपाठी, आलोक मिश्र, पुनीत सिंह, सौरभ सिंह लकी, तुषार श्रीवास्तव, आशीष सिंह, हर्ष सिंह, कुंज सोनी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह व छात्रनेता सुजीत विक्रम सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

इसे भी पढ़े  अनुशासन के लिए जानी जाती है एनसीसी : प्रो. रविशंकर सिंह

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More