-राजस्व निरीक्षक व लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
अयोध्या। बीकापुर तहसील के राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने साढे चार बीघा जमीन की वरासत मृतक की विधवा और पुत्री के अलावा उनकी तीन बहनों के नाम कर दिया। इस संगीन मामले में कोर्ट ने दो बहनों और राजस्व निरीक्षक तथा लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश कोतवाल बीकापुर को दिया है ।यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय की अदालत से हुआ है।
अधिवक्ता प्रभाकर पांडेय व अतुल कुमार राय ने बताया कि राधेश्याम निवासी सोहावल सलोनी तहसील बीकापुर के मामा करिया उर्फ मथुरा छत्तीसगढ़ में रहते थे। उनकी एक लड़की शांति और पत्नी बूधा थी। करिया की मृत्यु 15 अप्रैल 2008 को हो गई। इसके पूर्व करिया ने अपनी संपत्ति का वसीयत राधेश्याम के नाम कर दिया था। राधेश्याम ने करिया की मृत्यु के बाद वसीयत के आधार पर नामांतरण वाद प्रस्तुत किया तथा करिया की बहनों हृदय कली, श्याम पती व मंजू ने भी वरासत के आधार पर नामांतरण प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
हल्का लेखपाल अवनीश कुमार उर्फ अनीश तथा राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रताप सिंह ने मिली भगत करके जमीन की वरासत श्याम पति निवासी उरुआ वैश्य तथा मंजू उर्फ सुंदरा और हृदय कली के नाम कर दिया। जबकि यह वरासत करिया की पत्नी बूधा तथा उसकी पुत्री शांति के नाम करना था। इसकी जानकारी होने पर राधेश्याम ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। अर्जी पर कोर्ट ने उप जिलाधिकारी बीकापुर से प्रारंभिक जांच कराई तो बातें सही पाई गई इस पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया है