33 वैकल्पिक स्थानो पर दुर्गा प्रतिमा स्थापना की मांगी अनुमति

दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने नगर मजिस्ट्रेट को दिया प्रार्थना पत्र

अयोध्या। केन्द्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति साकेत के अध्यक्ष मनोज जायसवाल एवं प्रमुख संरक्षक विजय गुप्ता ने बताया कि नगर के 33 वैकल्पिक स्थानो पर होने वाली दुर्गापूजाओ की अनुमति के प्रार्थना पत्र नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय मे जमा करा दिये गए है जिनकी अनुमति मंगलवार तक होने की पूर्ण संभावना जताते हुये अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि जो श्रद्धालु अपने घरो मे पूजा कर रहे है उन्हे किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है । रामलीला प्रभारी प्रेमनाथ राय एवं पुलिस समन्वयक जे०एन० चतुर्वेदी ने बताया कि दुर्गापूजा समितियों के पदाधिकारियों एवं दर्शनार्थियों के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेन्सिंग का अनिवार्य रूप से पालन करने एवं सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के साथ नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र मे होने वाली नौ दिवसीय समस्त पूजाये प्रारम्भ हो गयी है। सहसंयोजक गगन जायसवाल एवं विद्युत प्रभारी सुप्रीत कपूर ने नगर मे प्रारम्भ हो चुकी श्री आदिशक्ति नवदुर्गापूजा एवं हनुमत नवयुवक संघ नाका हनुमान गढ़ी, श्री शारदीय दुर्गापूजा समिति जनौरा शिव मन्दिर, माँ शारदीय दुर्गापूजा समिति रामजानकी मंदिर फतेहगंज, अवध कल्याण परिषद नवीन मण्डी, बाल दुर्गापूजा समिति अमानीगंज गुरुद्वारा, माँ दुर्गापूजा जनकल्याण दुर्गापूजा समिति लक्ष्मणपुरी, नव आदर्श दुर्गापूजा समिति आईटीआई के सामने एवं जय माँ वैष्णो दुर्गापूजा समिति बहारगंज रेलवे क्रासिंग आदि विभिन्न पूजा समितियों के पदाधिकारियों से कोविड 19 की गाइडलाइन के अनुसार मानक पूरा करने का अनुरोध किया क्योकि भीड़ से कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा है। उपरोक्त जानकारी देते हुये केन्द्रीय समिति के प्रवक्ता डा0 शैलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने सहसंयोजक गगन जायसवाल एवं विद्युत प्रभारी सुप्रीत कपूर, ज़ोनल प्रमुख अखिलेश पाठक, संजय शर्मा, सुशील शुक्ला, विष्णु शर्मा एवं रमेश गुप्ता के साथ श्री आदिशक्ति नवदुर्गापूजा एवं हनुमत नवयुवक संघ नाका हनुमान गढ़ी पूजा समिति द्वारा आयोजित वैकल्पिक पूजा स्थल पर माँ दुर्गा का दर्शन एवं पूजन करने के पश्चात दर्शनार्थियों द्वारा फेस कवर पहनने एवं आयोजक मण्डल द्वारा थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करने पर समिति की प्रशंसा की ।

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