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बंगाल हिंसा पर परमहंस ने दी आत्मदाह की चेतावनी

– तपस्वी छावनी में किया स्वयं की चिता का पूजन

अयोध्या । रामनगरी अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने शनिवार को चिता पूजन किया। चिता पूजन कर पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के विरोध में चेतावनी दी। उन्होंने कहा 24 मई तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाही का इंतजार करेगे। अगर दोषियों के कोई कार्यवाही नही हुई तो 25 मई को आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।वही परमहंस दास ने राष्ट्रपति से मांग की है।पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगे। और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

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हिंसा करने वालों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए। पीड़ितों की मदद हो।दरअसल हमेशा की तरह सुर्ख़यिं मे छाए रहने वाले तपस्वी की छावनी महंत परमहंस दास ने आज खुद की चिता का पूजन किया है।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के विरोध में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए व दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने मांग की।उन्होंने कहा यदि 24 मई तक पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया गया तो 25 मई को दिन में 12ः00 बजे खुद की चिता में बैठकर दुनिया को अलविदा कहे दूंगा।

पश्चिम बंगाल के हालात पर उन्होंने कहां कि जिस तरह से मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को फरमान जारी किया था डायरेक्ट एक्शन डे का जिसमें कोलकाता में हिंदू और सिखों-लाखों की संख्या में हत्या की गई थी जिसको कोलकाता किलिंग के नाम से जाना जाता है ममता बनर्जी ने उसी को फिर रिपीट किया है पश्चिम बंगाल में घुस बैठी है और रोहिंग्या मुसलमानों को खुली छूट मिल गई है बहन बेटियों के साथ बलात्कार किए जा रहे हैं निर्दोष जनता का खून बहाया जा रहा है जब मंत्रियों के काफिले पर हमले हो रहे हैं वह भी पुलिस की मौजूदगी में जो आम जनता की स्थिति कितनी भयावह होगी। जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।इसलिए संविधान की रक्षा के लिए आवश्यक है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।

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