-करतालिया आश्रम के महंत रामदास ने अयोध्या कोतवाली में दी तहरीर, आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करतालिया आश्रम के पीठाधीश्वर बालयोगी महंत रामदास महाराज ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए अयोध्या कोतवाली में लिखित तहरीर देकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उनके अनुसार 27 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे जब वे अपने मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया देख रहे थे, तभी फेसबुक पर ‘संजय जिद्दी’ नामक आईडी से एक अश्लील एवं आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित होती दिखाई दी। महंत रामदास महाराज ने आरोप लगाया है कि उक्त पोस्ट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद अखिलेश यादव तथा उनकी पत्नी, सांसद डिंपल यादव की पुत्री के संबंध में अभद्र टिप्पणी के साथ एक आपत्तिजनक वीडियो साझा किया गया। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत मर्यादा पर आघात बताया, बल्कि सामाजिक मूल्यों और सार्वजनिक शालीनता के विरुद्ध कृत्य करार दिया।
महंत रामदास महाराज ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर जनप्रतिनिधियों और उनके परिवार के बारे में इस प्रकार की भाषा का प्रयोग अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम अवश्य है, किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति किसी की गरिमा को तार-तार करने का अधिकार पा जाए। यह केवल एक परिवार या व्यक्ति का प्रश्न नहीं, बल्कि समूचे समाज की नैतिकता और संस्कृति का विषय है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की पोस्ट से समाज में गलत संदेश जाता है और युवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। “जब जनप्रतिनिधियों के परिवार तक को लक्ष्य बनाकर अशोभनीय टिप्पणियां की जाती हैं, तो यह आधी आबादी का अपमान है। नारी गरिमा पर आघात किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता, महंत ने भावुक स्वर में कहा।
पीठाधीश्वर ने इसे दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताते हुए आशंका जताई कि उक्त पोस्ट मानहानि और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से प्रसारित की गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और दोषी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई अनिवार्य है। महंत रामदास महाराज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फेसबुक आईडी संचालक की पहचान कर उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, “यदि ऐसे कृत्यों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो सामाजिक ताना-बाना कमजोर होगा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा समाप्त हो जाएगी।
अयोध्या कोतवाली में दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शिकायत में उल्लिखित सोशल मीडिया पोस्ट और संबंधित आईडी की तकनीकी जांच की जाएगी।इस प्रकरण ने एक बार फिर सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की मर्यादा पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। धार्मिक नगरी से उठी यह आवाज अब कानून और सामाजिक नैतिकता के बीच संतुलन की कसौटी पर परखी जाएगी।