कान्वेन्ट स्कूल के शिक्षकों से अधिक योग्य सरकारी अध्यापक: डा. अनिल कुमार

  • बस आवश्यकता है स्वयं की प्रेरण से प्रेरित होने की

  • कायाकल्प योजना के तहत शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई उन्नयन गोष्ठी

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फैजाबाद। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कायाकल्प योजना के तहत आयोजित शिक्षा की गुणवत्ता उन्नयन गोष्ठी में जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने उपस्थित शिक्षकों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि आप सभी कान्वेन्ट स्कूल के अध्यापकों से कही अधिक योग्य है उनसे अधिक ज्ञान आपके अन्दर है। आप उनसे अधिक प्रतिभावान है। बस आवश्यकता है आपको स्वयं की प्रेरण से प्रेरित होने की है। जिस दिन से आप सभी जागेगें, उसी दिन से परिषदीय विद्यालय में शिक्षा गुणवत्ता का अपने आप कायाकल्प हो जायेगा और वह दिन बेसिक शिक्षा विभाग के लिए स्वर्णिम दिन होगा। उन्होनें कहा कि आप सभी विद्यालय की व्यवस्था को सुधारने में स्वयं सक्षम है। विद्यालय में छात्र, छात्राएं नियमित रूप से उपस्थित हो इसके लिए सभी बच्चों के अभिभावक की पाक्षिक बैठक कर उन्हें उनके बच्चे कैसे आगे बढ सकते है के बारे में बताएं, 1 व 16 तारीख को हर माह बैठक करें, बच्चों को उनके भविष्य के बारे में बताते हुए यह तर्क दें कि शिक्षा सिर्फ नौकरी के लिए नही अपितु शिक्षा संस्कारी, प्रतिभाशाली व गुणवान व्यक्तिव के लिए आवश्यक है। नियमित रूप से कक्षांए चलायें, पीरियडवार अध्यापन कराना सुनिश्चित करें, खेलकूद के साथ रूचिकर पाठ्य सहगामी क्रियाओं का प्रयोग कर शिक्षा प्रदान करें, निश्चित रूप से छात्र संख्या बढ़ेगी। उन्होनें कहा कि छात्र के माता-पिता नेचुरल अभिभावक होते हैं और हर माता पिता व अभिभावक की प्रवल इच्छा होती है कि उसके बच्चों का भविष्य सुन्दर हो आवश्यकता उन्हें जागरूक करने की है। जिलाधिकारी ने कहा कि आप दूसरे को देखकर अपने को न बदले कि वह अध्यापक स्कूल नही जाते, पढ़ाते नही तो हम क्यों जाये व पढ़ाये। उन्होेनें कहा कि आप अपने अन्दर ऐसी ऊर्जा/प्रकाश बिखेरे कि जिन अध्यापक की सोच गलत है वे आपकी गतिविधियों को देखकर अपने अन्दर बदलाव लाए और वे आपके साथ सत्यमार्ग पर कदम बढायें। जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण कराने का मतलब यह नही कि शिक्षको का उत्पीडन करना है। निरीक्षण द्वारा उन अध्यापकों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना है जो देर विद्यालय आना, विद्यालय न आकर पूरे माह का वेतन लेना, विद्यालय आकर शिक्षण कार्य में रूचि नही लेते है। अनुपस्थिति के साथ विद्यालय के शौचालय, बाउण्ड्रीवाल, पेयजल, विद्युत कनेक्शन, एमडीएम के बारे में रिर्पोट प्राप्त होती है उसमें आवश्यक सुधार की व्यवस्था कराना है, किसी पूर्वग्रह से निरीक्षण नही कराया जा रहा है।
उन्होनें स्पष्ट किया है कि रजिस्टर मे बिना तिथि के प्रार्थना पत्र रख दिया या प्रधानाध्यापक को फोन पर बता दिया और अवकाश उपस्थिति पंजिका तथा पत्र व्यवहार पर नही चढ़ा है तो स्वतः अध्यापक व सहयोगी प्रधानाचार्य की मंशा समक्ष लें, ज्यादा कहने की आवश्यकता नही है। उन्होनंे कहा कि जिन अध्यापकों का ट्रैक रिकार्ड अच्छा है और अतिअपरिहार्य परिस्थितियों में अनुपस्थित है उनके मामले में विचार किया जा सकता है। जैसा कार्य उसी के अनुरूप सम्मान अथवा दण्ड मिलेगा। उन्होनें कहा कि शीघ्र ही अच्छे शिक्षकों को जनपद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जायेगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती अमिता सिंह को कहा गया है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि आपके विद्यालय में जो भी आवश्यकता हो, शौचालय बनना हो, मैदान में मिट्टी पटना हो, पेयजल की व्यवस्था हो, उसे आप लिखकर दें , आपकी हर आवश्यकता को पूरा करने का हर सम्भव प्रयास किया जायेगा, धन की कोई कमी नही आने पायेगी। उन्होनें कहा कि छात्र, छात्राओं की उपस्थिति 54 प्रतिशत है यदि माइक्रो लेवल पर समीक्षा करें तो 75 प्रतिशत बच्चें रेगुलर मिलेगें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर मदुसूदन नागराज हुल्गी ने कहा कि शिक्षा देना दुनिया का सबसे अच्छा कार्य माना गया है ईश्वर ने आपको यह मौका दिया कि उसका सदोपयोग करें गुरू का सम्मान ईश्वर के सम्मान से उच्च है। अन्त में बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती अमिता सिंह ने अपनी पूरी टीम की तरफ से जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार व मुख्य विकास अधिकारी को आश्वस्त किया कि शिक्षा के सुधार का पूरा प्रयास कंरूगी कही कोई कमी नही होगी। गोष्ठी में बड़ी संख्या में अध्यापक व बेसिक शिक्षा के अधिकारी उपस्थित थे।