-चार वर्ग फीट के ब्लॉक में सजाए जाएंगे दीप, 3 से 4 दिनों में पूरा होगा रेखांकन
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य एवं दिव्य ‘दीपोत्सव 2026’ की तैयारियों को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने गति दे दी है। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में राम की पैड़ी सहित सरयू तट के घाटों पर दीप स्थापना के लिए मार्किंग (रेखांकन) का कार्य गुरुवार से औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है।
दीपोत्सव के सकुशल एवं निर्विघ्न आयोजन की कामना के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शुक्रवार, 23 अक्टूबर को प्रातः 7रू30 बजे मां सरयू के तट पर निर्मित घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन का विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। भूमि पूजन स्वयं कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य व समन्वयक उपस्थित रहेंगे।
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने घाटों की समुचित साफ-सफाई के तत्काल बाद योजनाबद्ध तरीके से मार्किंग का कार्य शुरू कराया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दीपोत्सव को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए कुल 56 घाट निर्धारित किए गए हैं। सभी घाटों पर दीयों की व्यवस्थित शृंखला बिछाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग के तहत कार्य किया जा रहा है, ताकि तय समय सीमा में समूची रूपरेखा धरातल पर उतर सके।
मार्किंग कमेटी के संयोजक पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने तकनीकी विवरण साझा करते हुए बताया कि दीयों को सटीक और आकर्षक स्वरूप में सजाने के लिए 4 वर्ग फीट के ब्लॉक चिह्नांकित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में निर्धारित संख्या के अनुसार दीपों का खाका खींचा जा रहा है। उनकी टीम द्वारा यह संपूर्ण मार्किंग कार्य आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मार्किंग पूरी होते ही घाटों पर दीयों और आवश्यक सामग्रियों की खेप पहुंचना शुरू हो जाएगी। वहीं, लाखों दीपों को प्रज्ज्वलित कर विश्व कीर्तिमान रचने वाले स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण भी अब अपने अंतिम चरण में है। पंजीकरण प्रक्रिया संपन्न होते ही स्वयंसेवकों को घाटवार जिम्मेदारियां और पहचान पत्र सौंपे जाएंगे।