-भगत सिंह, सुखदेव , राजगुरु के शहादत दिवस पर अर्पित किया श्रद्धासुमन

अयोध्या। वामदलों ने भगतसिंह, सुखदेव , राजगुरु के शहादत दिवस पर सोमवार को डाक-बंगला से नगर निगम परिसर स्थित भगतसिंह पार्क तक साम्राज्यवाद विरोधी युद्ध विरोधी मार्च किया और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद एक सभा की। सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान हालात में भगतसिंह का इंकलाब जिन्दाबाद और साम्राज्यवाद का नाश हो का नारा और भी ज्यादा प्रासंगिक एवं जरूरी हो गया है।
उनकी देशभक्ति भारत को अंग्रेजी औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह चाहते थे कि भारत में समाजवाद की स्थापना हो और करोड़ों भारतीय मेहनतकश वास्तव में सत्ता सम्पन्न व आजाद बनें। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को भगतसिंह ने जो संदेश दिया था वह आज के दौर में हमारे लिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बन गया है।
भारत की राजनैतिक सत्ता पूरी तरह से कारपोरेट और अमेरिकी इशारे पर चल रही है जिसने देश को गम्भीर अनिश्चितता और संकट में धकेल दिया है। युद्ध से छलनी हो रहे पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में भारत के करीब एक करोड़ प्रवासी कामगार फंसे हुए हैं। पूरा देश ईंधन के संकट, व्यापार में अवरोध और आसमान छूती मंहगाई से तबाह हो रहा है।
वक्ताओं ने भारत के राष्ट्रीय हितों और रणनीतिक स्वायत्तता को बेंचने वाली सरकार के खिलाफ जन प्रतिवाद को तेज करने हेतु आज भगतसिंह के वारिसों के लिए उनकी साम्राज्यवाद विरोधी देश भक्ति की भावना को पूरी शिद्दत के साथ बढ़ाने का वक्त है। वक्ताओं ने अमेरिका इजरायल द्वारा ईरान पर जारी हमले को तत्काल रोकने की भी मांग की।
मार्च में भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, फारवर्ड ब्लाक जिला प्रभारी हरीशचंद्र श्रीवास्तव, माले राज्य कमेटी सदस्य राम भरोस, एटक नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इनौस संयोजक अजय शर्मा चंचल, उदयचंद यादव, यासीन बेग, ओमप्रकाश यादव, रामसिंह, बद्री प्रसाद यादव, घनश्याम यादव, शिव कुमारी, कृष्ण कुमार मौर्य, राम प्रसाद, राजेश मौर्य, सुनील कुमार सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।