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-अयोध्या विधानसभा में 95 हजार लोगों को नोटिस का दावा, उठाए गंभीर सवाल
अयोध्या। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जनपद में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी को कटघरे में खड़ा किया है। पूर्व राज्यमंत्री व सपा नेता तेज नारायण पाण्डेय पवन ने कहा कि पुनरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं और यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं दिख रही।
उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में लगातार लगे हुए अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचन आयोग के सदस्य की तरह कार्य कर रहे हैं, जो पूरी तरह से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। हमारी स्पष्ट मांग है कि लोकतंत्र में किसी भी मतदाता के वोट से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न काटा जाए और न ही किसी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित किया जाए। यदि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर पक्षपात या अनियमितता पाई जाती है तो हम संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ेंगे।
तेज नारायण पाण्डेय का दावा है कि अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में करीब 95 हजार तथा महानगर क्षेत्र में लगभग 75 हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। यानी कुल मिलाकर 1 लाख 70 हजार मतदाताओं को सूची से जुड़े नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही नाम से तीन-तीन वोट बनाए गए थे और जब ऐसे नाम हटाए गए तो भाजपा अब लाखों वोट कटने का मुद्दा उठाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। सपा नेता ने यह भी कहा कि पुनरीक्षण की आड़ में विशेष समुदायों के मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा है।
उनका आरोप है कि मुस्लिम और यादव मतदाताओं के नाम पक्षपातपूर्ण तरीके से सूची से हटाए जा रहे हैं। पांडे ने अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि निष्पक्षता नहीं बरती गई तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान सपा के निव महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, महानगर महासचिव हामिद जाफर मीसम, महानगर प्रवक्ता राकेश यादव, ओरौनी पासवान, श्रीचन्द्र यादव आदि लोग भी मौजूद थे।