मवई। पटरंगा थाना अन्तर्गत जुनेदपुर गांव में चिलचिलाती धूप में पानी की तलाश करते करते एक बेजुबान आक डियर(पाड़ा) भटकतें हुये गांव के किनारे पहुंच गया।जिसे देखते ही गांव कें आवारा कुत्तों नें दौड़ा लिया।कुछ दूर भागते हुए हिरन प्रजाति का ये वन्य जीव अचानक गिर गया।जिस पर हिंसक कुत्तों ने हमला कर उसकों नोच डाला।घायल पाड़ा किसी तरह कुत्तों से बचते हुए गांव में भागा और एक घर मे घुस गया।जिस देख ग्रामीण अनिल कुमार पुत्र लल्लन मिश्र ने कुत्तों से घायल पाड़ा को बचाकर सूचना क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी।मौके पर बीट प्रभारी जगदीश यादव के साथ पहुंचे डिप्टी रेंजर वीरेंद्र तिवारी घायल पाड़ा को उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।घायल पाड़ा की मौत की सूचना मिलते ही जिले के उपप्रभागीय वनाधिकारी एके सिंह मय क्षेत्राधिकारी ओपी सिंह के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। तत्पश्चात अपनी मौजूदगी में पशुचिकित्सक डा0 महेश वर्मा द्वारा मृतक हिरन प्रजाति के इस वन्य जीव का पंचनामा के बाद पीएम कराया।तत्पश्चात इसका बसौड़ी पौधशाला में अंतिम संस्कार कर दिया।वनक्षेत्राधिकारी ओपी सिंह ने बताया पाड़ा हिरन प्रजाति का एक वन्यजीव है।जो अधिकतम माझा क्षेत्र में पाए जाते है।इसका स्वरूप बारह सिंघा जैसा होता है लेकिन इसके चार ही सींघ होते है।मंगलवार की रात्रि कुत्तों के हमले से खौफजदा घायल पाड़ा की उपचार के दौरान मौत हो गई।जिसका पीएम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
कुत्तों के हमले से खौफजदा आक डियर की उपचार के दौरान मौत
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