– एसएसवी इंटर कॉलेज का वार्षिक समारोह संपन्न, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने मोहा सभी का मन

अयोध्या । अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर जगतगुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य महाराज ने कहा कि पाषाणरूपी शिला अपने में कुछ नहीं होती। उसके वास्तविक स्वरूप को पहचान कर मूर्तिकार उसे एक नया रूप देते हैं। फिर वही पाषाण भगवान श्रीरामलला बन जाते हैं। जिसका दर्शन करने करोड़ भक्ति पहुंचते हैं। यही कार्य विद्यालय का भी होता है। जहां के मूर्तिकार रूपी शिक्षक अपने विद्यार्थियों में ज्ञान का संचार करते हैं।
पीठाधीश्वर जगतगुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज में आयोजित विद्यालय के वार्षिक समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना सब अपूर्ण है। शिक्षा ही पूर्णता लाती है। विद्यार्थियों में ज्ञान बाहर से प्रवेश नहीं करता बल्कि शिक्षक उसे विद्यार्थियों में पिरोता हैं। शिक्षक विद्यार्थी की पात्रता और सामर्थ को समझते हैं और फिर उसी के अनुरूप उनका परिमार्जन करते हैं। उन्होंने अभिभावकों का आवाहन करते हुए कहा कि अपने पुत्र और पुत्रियों में उनकी रुचि और उनकी अर्हता को पहचाने और पूर्व जन्म के संस्कारों को समझ कर उनका उचित मार्गदर्शन करें। जिससे वह सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

उस बाल्यपन के बीज की क्षमता को समझें और गगन, पवन, जल जैसे बनकर उनका सहयोग करें। सद्गुरु की शरण में पहुंचने के बाद निश्चित ही उन्हें अपनी आत्मा का बोध होगा। वह दर्शन, श्रवण, मनन और ज्ञान की प्रक्रिया से गुजरते हुए वह प्राप्त कर सकेंगे जो उनकी परिकल्पना है। अध्यक्षता कर रहे संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने कहा कि धर्मनगर अयोध्या हमेशा से संस्कार और अनुशासन का संदेश देती रही है। शिक्षा से ही विद्यार्थी प्रगति करता है और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला और उपलब्धियों को सभी से साझा किया। प्रबंधक सुश्री शची मेहरोत्रा ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए विद्यालय की प्रगति और इसके उत्तरोत्तर विकास पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षक विवेकानंद पांडेय ने समारोह का संचालन किया।
इसके पहले एनसीसी कैप्टन उमाकांत भारती के निर्देशन में कैडेट ने अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ कर विद्यालय के नवनिर्मित द्वार का लोकार्पण किया। विद्यालय की पत्रिका सौरभ के 52 वें अंक का विमोचन हुआ। शिक्षक अनिल मिश्र के निर्देशन में विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन, स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, वन्देमातरम, बंधुत्व गीत, अवधी लोकगीत और राग यमन में शास्त्रीय संगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी। आपरेशन सिंदूर पर आधारित हिंदी एकांकी ने देश भक्ति का जोश भर दिया। मार्मिक प्रस्तुति देख सभी विभोर हो गए। प्रधानाचार्य डॉ. तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर एसएसवी के प्रबन्ध कार्यसमिति सदस्य व पूर्व प्रबंधक पुनीत मेहरोत्रा, महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के अस्सिटेंट रजिस्ट्रार रजनीश गुप्ता, गोयनका स्कूल के चेयरमैन मदन मोहन त्रिपाठी, शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष रमाकांत पांडेय, जयसराज वर्मा, रामनेग गौतम, डॉ घनश्याम यादव, अंबेडकरनगर जनपद के रघुपट्टी विद्यालय के प्रबंधक त्रियुग नारायण तिवारी, कवि अशोक टाटम्बरी, प्रधानाचार्य डॉ रामकृष्ण मिश्रा, राम प्रिया शरण सिंह, डॉ. उदय भान सिंह, डॉ मनमोहन सरकार, चिकित्सक डॉ एसके द्विवेदी, एमएल मेहरोत्रा, वेद राजपाल, फिल्म निर्माता जनार्दन पांडे बबलू पंडित, शिक्षक अभिभावक संघ की सदस्य सुमन, शिवकरन सिंह, सेवानिवृत शिक्षक बंशीधर पांडेय, डॉ. अल्केश दत्त पाठक, विनोद शंकर मिश्रा, डॉ उदयभान मिश्रा, सेवानिवृत्त लिपिक राजमणि मिश्र, पूर्व प्रधानाचार्य चंडी प्रसाद तिवारी सहित विद्यालय के शिक्षक डॉ अशोक गौतम, महेश नारायण यादव, सुरेंद्र देव तिवारी, जयेंद्र पाठक, शशांक मिश्रा, उत्कर्ष सिंह, शैलेंद्र सागर मिश्रा, आत्मानंद व कई शिक्षक, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
300 से अधिक मेधावियों को किया गया पुरस्कृत

एसएसवी इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में छात्र उमंग विश्वकर्मा और ओम यादव को मुकुंदी देवी मेहरोत्रा मेमोरियल अवार्ड के रूप में 11000-11000 रुपए की धनराशि प्रदान की गई। चार छात्र ऋषभ यादव, समीर सिंह व अन्य को रोटरी क्लब सम्मान के रूप में 2500-2500 रुपए प्रदान किया गया। जबकि काव्य पाठ, संगीत, सुलेख, हिंदी श्रुति लेख, अंत्याक्षरी, निबंध, भाषण, स्काउट, रेडक्रॉस, खेल, विज्ञान प्रदर्शनी, एनसीसी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और एकांकी के 300 से अधिक विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने पुरस्कृत किया। इस दौरान उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य सहित सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और अतिथियों को भी सम्मानित किया गया।