हमारी अटरिया में आयो सांवरिया….

     मल्लिकायें गजल पद्मश्री पद्मभूषण बेगम अख्तर की स्मृति में हुई सांस्कृतिक संध्या

    अवध विवि में बेगम अख्तर की स्मृति में संग्रहालय व संगीत पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की योजना

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    फैजाबाद। डाॅ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द सभागार में मंगलवार कीे सांय 5 बजे मल्लिकायें गजल पद्मश्री पद्मभूषण बेगम अख्तर की स्मृति में भारतीय सूफी गजल सांस्कृतिक संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित रहे। पद्मश्री पद्मभूषण बेगम अख्तर की शिष्या प्रसिद्ध भारतीय सूफी गजल गायिका, नई दिल्ली की रेखा सूर्या तथा पखावज वादक स्वामी पागल दास के शिष्य मृंदग थाप के विजयराम दास रहे।
    कार्यक्रम पखावज वादक मृंदग थाप के विजयराम दास ने गणेश वंदना की शास्त्रीय गायन से शुरूआत की। इस अवसर पर विजयराम दास ने शास्त्रीय गायन के विभिन्न संगीत शैलियों का वर्णन किया। वर्षा ऋतु का गायन एवं वादन मृंदग के माध्यम से श्रोताओं के समक्ष मनोहारी प्रस्तुति दी। ख्यातिलब्ध गजल गायिका रेखा सूर्या लखनऊ गीत घराने से रही ने अपनी भावपूर्ण एवं संगीतमयी प्रस्तुति में हमारी अटरिया में आयो सांवरिया, देखा देखी तनिक होई जाये……. बहुत कठिन है डगर पनघट की, कैसे भर लाऊ जमुना से मटकी…….तथा गंगा मईया तोहे चुनरी चढ़इबें जैसे गीतों के माध्यम से पद्मभूषण बेगम अख्तर की रचनाओं पर आधारित संगीतमयी गजल झूला और दादरा ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। बेगम अख्तर की अंतिम शिष्या के रूप में रेखा सूर्या ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया। भारत के बाहर उन्होंने न्यूयार्क, बोस्टन, शिकागो सहित कई देशों में देश का प्रतिनिधित्व किया। सन् 1994 में संगीत नाटक एकेडमी के अभिलेखागार के रिकार्ड के लिए वह ठुमरी दादरा शैली में सूफी गायन करते हुए पारम्परिक गजल गायिकी के लिए सन् 2012 में करवीर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक सुंग इन ए सर्टिन स्टाइल संगीत अनुसंधान एकेडमी एवं नियोगी बुक्स द्वारा प्रकाशित की गई है। भारतीय रेडियो के ए ग्रेड के कलाकार के रूप में क्लासिकल गायक रेखा सूर्या को ठुमरी साम्राज्ञी गिरजा देवी द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त है। इस अवसर पर कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि बेगम अख्तर की स्मृति में विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित संग्रहालय एवं संगीत पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही इसके सुखद परिणाम सामने आयेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र में रेखा सूर्या से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि बेगम अख्तर के गृह जनपद के विश्वविद्यालय में संगीत को लेकर पाठ्यक्रमों का संचालन हो सके। उन्होने बेगम अख्तर अकादमी हेतु विजिटिंग प्रोफेसर के लिए रेखा सूर्या से सहमति प्राप्त की है।
    कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। दृश्य कला विभाग द्वारा बेगम अख्तर एवं रेखा सूर्या का पोर्टेट बनाकर रेखा सूर्या को उपहार स्वरूप दिया गया। इसके साथ ही आये हुए अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यपरिषद् के सदस्य ओम प्रकाश सिंह एवं डाॅ0 विनोद कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर के संगीत प्रेमी, साहित्यकार, प्रबुद्ध वर्ग एवं फैजाबाद के डी.एफ.ओ. डाॅ. रवि कुमार सिंह, कुलसचिव डाॅ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक एस.एल. पाल, प्रो0 आशुतोष सिन्हा, प्रो. एम.पी. सिंह, प्रो0 के.के. वर्मा, प्रो0 एस.एन. शुक्ला, प्रो. सी.के. मिश्रा, प्रो. एस. के. रायजादा, प्रो. राजीव गौड़, डाॅ. एस.एस. मिश्रा, डाॅ. विनोद चैधरी बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।