-कृषि विवि व अंतरराष्ट्रीय अर्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के बीच हुआ एमओयू

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय व अंतरराष्ट्रीय अर्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह एवं अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान हैदराबाद की तरफ से महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया।
इस समझौता हस्ताक्षर से कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध का मौका मिलेगा। वैज्ञानिक हैदराबाद के इस संस्थान में शोध के जरिए बाजरा,चना मूंग, उड़द, सोयाबीन जैसी फसलों की बेहतर किस्में विकसित कर सकेंगे। वैज्ञानिक एवं छात्रों को प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। इसके अलावा वैज्ञानिकों को छोटे और सीमांत किसानों के लिए कम लागत वाली तथा जलवायु समर्थित तकनीकों को भी विकसित करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के वैज्ञानिक भी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचकर यहां के शोध कार्यों की बारीकियों से रूबरू होंगे और वैज्ञानिकों को अनुसंधान में मदद करेंगे। कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय संस्थान का लक्ष्य गरीबी और भूख को कम करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए कृषि को मजबूत बनाना है। इस समझौते के बाद कृषि प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय भी तेजी के साथ कार्य करेगा।