-मुख्य विकास अधिकारी ने बाल विकास विभाग की समीक्षा की
अयोध्या। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की समीक्षा की गई, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सहायिका भर्ती की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने, वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के चयनित आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने, सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों के अन्तर्गत चयनित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं बाला पेन्टिंग के कार्यों को इसी माह में पूर्ण कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चिन्हित सैम/मैम बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार की समीक्षा किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के 936 पदों के लिए अभिलेखीय एवं भौतिक सत्यापन की कार्यवाही 09 बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालयों द्वारा पूर्ण की जा चुकी है, शेष 03 बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय-शहर, मिल्कीपुर एवं अमानीगंज के अभ्यर्थियों के अभिलेखीय एवं भौतिक सत्यापन की कार्यवाही भी तत्काल पूर्ण कराने को निर्देशित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा चयन की कार्यवाही समयबद्ध/प्रक्रियाबद्ध व पारदर्शी तथा शासनादेशानुसार पूर्ण कराने को निर्देशित किया गया।
IRFC द्वारा CSR के अन्तर्गत प्रदत्त अनुदानित धनराशि से 1250 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु इतनी ही मात्रा में प्री-स्कूल किट्स, की आपूर्ति जनपद स्तर पर हो गई है, जिसमें बच्चों के लिए मेज, छोटी कुर्सी, खिलौना साइकिल, रॉकर्स, सफेद बार्ड, खिलौने और स्टोरी बुक्स सहित 18 आइटम का सेट है। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर आपूर्ति होने के उपरान्त तत्काल आंगनबाड़ी केन्द्रों तक प्री स्कूल किट्स वितरित करा दिये जायें। वितरण की जियो टैग फोटों सहित रिपोर्ट करने को निर्देशित किया गया।
अयोध्याधाम के अन्तर्गत 70 नये आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण के संबंध में समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा कार्यदायी संस्था नगर निगम को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन 54 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराना सुनिश्चित करें तथा शेष 16 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु स्थल चिन्हांकन की कार्यवाही भी शीघ्र पूर्ण की जायें। आगामी सत्र से इन्हें फंक्शनल कराना सुनिश्चित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। बाल विकास परियोजना मसौधा एवं अयोध्या शहर के कार्यालय मरम्मत हेतु कार्यदायी संस्था डूडा अयोध्या को धनराशि उपलब्ध कराये हुए काफी समय व्यतीत होने के बाद भी मरम्मत कार्य पूर्ण न होने पर असंतोष व्यक्त किया गया। इसी प्रकार 42 आंगनबाड़ी केन्द्रों में लघु मरम्मत हेतु दिनांक 21.04.2025 को कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग को प्रेषित 79.75 लाख रूपये प्रेषित किया गया था जिसका उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित विभाग को निर्देशित किया गया।
समीक्षा में अतिकुपोषित बच्चों का चिकित्सीय प्रबन्धन, पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती किया जाना, गर्भवती महिलाओं की ए०एन०सी०-1, 2, 3 एवं 4 जांच की स्थिति एच०आर०पी० की समीक्षा एवं प्रबन्धन आदि विषयों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में शिथिल कार्यों के लिए हैरिग्टनगंज, अमानीगंज सहित सभी विकासखण्डों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को अपने कार्य में सुधार हेतु चेतावनी दी गई।
इसी प्रकार विभागीय पोषण ट्रैकर ऐप पर वी०एच०एस०एन०डी० की प्रविष्टि फीड न करना, मानक से कम निरीक्षण करने वाली मुख्य सेविका को चिन्हित करना, आंगनबाड़ी केन्द्रों के बन्द रहने की समीक्षा और सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए भी सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया।
अनुपूरक पुष्टाहार वितरण शत-प्रतिशत एफ०आर०एस० (चेहरा प्रमाणीकरण) के द्वारा ही किये जाने, पोषण ट्रैकर के सभी प्रविष्टियों को ससमय पूर्ण किये जाने, ई-कवच पोर्टल आदि की समीक्षा करते हुए उक्त बैठक समाप्त की गई
उक्त बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी के अतिरिक्त प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायतराज अधिकारी, प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी (निर्माण), नगर निगम, अधिशाषी अभियन्ता पी०डब्लू०डी० सी०डी०-4, सहायक अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, यू०पी०पी०सी०एल०, ई०ओ०-नगर पंचायत भदरसा, ई०ओ० नगर पंचायत माँ कामाख्या, ई०ओ० नगर पंचायत सुचित्तागंज सहित समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।