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अदम्य साहस व इच्छाशक्ति की प्रतिमूर्ति थी इंदिरा गांधी : निर्मल खत्री

-कांग्रेसियों ने मनाई पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की जयंती

अयोध्या। 17 वर्षों तक देश की प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने वाली भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी अदम्य साहस और इच्छाशक्ति की प्रतिमूर्ति थी। उक्त उद्गार पूर्व सांसद डॉ निर्मल खत्री ने कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी के जयंती पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी के चित्र पर कांग्रेस जनों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

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गोष्ठी की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा संचालन जिला प्रवक्ता सुनील कृष्ण गौतम ने किया। पूर्व सांसद डॉ निर्मल खत्री ने कहा जब वह भारत की प्रधानमंत्री थीं, तो उन्होंने देश को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 1971 में उनके नेतृत्व में, भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में हराया और उसकी कमर तोड़ दी। इसके अतिरिक्त, उसने 1970 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण भी किया और सभी प्रिवी पर्स को समाप्त कर दिया। इन दो साहसिक कदमों ने उन्हें भारत के प्रधान मंत्री के रूप में परिभाषित किया। श्री खत्री ने कहा वह साहस, दूरदृष्टि और मजबूत आत्मबल की महिला थीं। गरीबों की समृद्धि लाने के लिए उनका 20 सूत्रीय कार्यक्रम एक साहसिक तरीका था। वह एक ऐसी महिला थीं जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचा।

अध्यक्षता करने जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा स्वर्गीय इंदिरा जी को हम लोग लौह महिला के रूप में जानते हैं उन्होंने इस विश्व का भूगोल बदलने का कार्य किया। प्रधानमंत्री पद के रूप में उन्होंने सदैव इस देश की मान प्रतिष्ठा बढ़ाने का कार्य किया। महानगर अध्यक्ष वेद सिंह कमल ने कहा स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ही पहला परमाणु परीक्षण हुआ था उन्होंने भारत को आंतरिक और बाह्य दोनों ओर से मजबूत करने के लिए सतत प्रयास किए। जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुनील कृष्ण गौतम ने कहांभारत में इंदिरा गांधी को ‘भारत की लौह महिला’ के रूप में जाना जाता है। लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद, इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बनीं। देश की संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने के लिए उन्होंने कई बार कठोर कदम उठाए ।पंजाब मैं पनप रहे आतंकवाद को समाप्त करने के लिए किए गए किए गए उनके योगदान को भारतवर्ष कभी भुला नहीं पाएगा। गोष्ठी में प्रमुख रूप से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजेंद्र प्रताप सिंह ,उग्रसेन मिश्रा ,श्रीनिवास शास्त्री, प्रवीण श्रीवास्तव ,अशोक कनौजिया ,सुरेंद्र सिंह, रामेंद्र त्रिपाठी ,डीएन वर्मा ,ताज मोहम्मद ,जमील ,डॉ विनोद गुप्ता ,घनश्याम साहू ,रामानंद शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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