-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई प्रचलित चकबन्दी कार्यों की नियमित मासिक समीक्षा बैठक
अयोध्या। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की अध्यक्षता में जनपद में प्रचलित चकबन्दी कार्यों की नियमित मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 18 ग्रामों में चकबन्दी क्रिया प्रचलित है जिसमें 12 ग्रामों में प्रथम चक्र की चकबन्दी तथा 6 ग्रोमों में द्वितीय चक्र की चकबन्दी प्रचलित है।
तहसील सदर में 2 ग्राम, बीकापुर में 2 ग्राम, मिल्कीपुर में 5 ग्राम तथा रुदौली के 9 ग्रामों में चकबन्दी प्रक्रिया चल रही है। बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी ने अवगत कराया कि वर्तमान में 3 ग्रामों में सहायक चकबन्दी अधिकारी द्वारा चक निर्माण, 3 ग्रामों में चकबन्दी अधिकारी न्यायालय द्वारा वादों का निस्तारण, 1 ग्राम ऐहार तहसील रुदौली में तस्दीक खतौनी का कार्य प्रगति पर है। 5 ग्रामों में वादों के निस्तारण के उपरांत आगामी अभिलेख आकार पत्र-11 (पुनरीक्षित खतीनी) सम्बंधित लेखपाल द्वारा तैयार की जा रही है। 2 ग्राम के सण्डरी व मेहदीना के अंतिम अभिलेख तैयार किये जा रहे हैं जिनका धारा-52 का प्रकाशन माह अक्टूबर में पूर्ण कर लिया जायेगा।
जनपद में 3 ग्रामों माझा सोनौरा, महावां तहसील बीकापुर व अछोरा तहसील मिल्कीपुर का अंतिम अभिलेख बनाने का कार्य माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से प्रभावित होने के कारण अवरुद्ध है। उच्च न्यायालय में लगातार पैरवी की जा रही है। जिलाधिकारी अयोध्या द्वारा समस्त अधीनस्थ को निर्देशित किया गया कि शासन द्वारा निर्धारित समयावधि के अंतर्गत लक्ष्य पूर्ण करें। माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन से प्रभावित ग्रामों में प्रभावी पैरवी करते हुये स्थगन आदेश अपास्त कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
चकबन्दी न्यायालयों में 5 वर्ष से अधिक समय से लम्बित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निर्णीत करना सुनिश्चित किया जाय। शासन की शीर्ष प्राथमिकता आई०जी०आर०एस०/जन सुनवाई के प्रार्थना पत्रों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण किया जाय जिससे वादकारी/आवेदक को अधिक से अधिक सन्तोष प्राप्त हो सके। बैठक में उप संचालक चकबन्दी इन्द्राकान्त द्विवेदी, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी मनोज कुमार सिंह एवं सभी चकबन्दी अधिकारी व सहायक चकबन्दी अधिकारी उपस्थित रहे।