राम की नगरी में होगी रामदाने की भी खेती

by Next Khabar Team
A+A-
Reset

-कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शोध कार्य में जुटे, 2027 तक किसानों को मिलेगा उन्नत किस्म का बीज

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या में रामदाना की सूखा-रोधी और गर्मी-रोधी किस्मों के विकास पर शोध कार्य जारी है। ’क्षमतावान फसल बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परियोजना’ के तहत विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक रामदाना की 180 ब्रिडिंग लाइन तैयार की जा रही हैं। फिलहाल शोध में जोधपुर (राजस्थान) की त्ड।7, गुजरात की ळ।-6 और बेंगलुरु की सुवर्णा जैसी तीन प्रमुख प्रजातियों के प्रजनन द्रव्य का उपयोग किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के डॉ. विक्रम ने बताया कि यह कार्य भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के सहयोग से किया जा रहा है। डॉ. विक्रम के अनुसार, विश्वविद्यालय में रामदाना की कुल 180 ब्रिड उपलब्ध हैं। शोध के लिए तीन प्रकार की रामदाना फसलें लगाई गई हैंः एक बैंगनी रंग की और दोनों हरे पत्तों वाली। प्रारंभिक अवलोकन में पाया गया है कि बैंगनी रंग की रामदाना किस्म में हरे पत्तों वाली किस्म की तुलना में अधिक सूखा-रोधी क्षमता और पोषक तत्व मौजूद हैं। रामदाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

इसमें मिनरल्स, विटामिन्स, फोलेट, आयरन और सेलेनियम जैसे कई आवश्यक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। डॉ. विक्रम ने बताया कि रामदाना फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करने में सहायक हैं। इसमें मौजूद पोटेशियम रक्त वाहिकाओं को आराम देता है, जिससे धमनियों और रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। फाइटोस्टेरॉल भी हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

इसे भी पढ़े  सुरक्षा व संरक्षण है मिशन शक्ति का प्रमुख अंग : डा. आलोक मनदर्शन

डॉक्टर ने कहा कि अगर हम मिलेट्स की तुलना रामदाना से करें तो उससे ज्यादा कहीं या विटामिन से भरपूर है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के किसान इसकी खेती बड़े स्तर पर नहीं कर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि 1995 से विश्वविद्यालय रामदाना की प्रजाति पर शोध कर रहा है लेकिन अभी तक एक भी वैरायटी नहीं निकाल पाया है।फिलहाल डॉ विक्रम का दावा है कि 2027 तक पूर्वांचल के किसानों को उन्नत किस्म के रामदाने के बीज को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नेक्स्ट ख़बर

अयोध्या और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना स्रोत है। यह स्थानीय समाचारों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। यह वेबसाइट अपने आप में अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक डिजिटल दस्तावेज है।.

@2025- All Right Reserved.  Faizabad Media Center AYODHYA

Next Khabar is a Local news Portal from Ayodhya