-कृषि विवि में चौथे राज्यस्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने किया शुभारंभ
अयोध्या।आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस मैनजमेंट में चौथे राज्यस्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इस चैंपियनशिप का शुभारंभ कृषि विवि के कुलपति कर्नल डा. बिंजेंद्र सिंह व अन्य अतिथियों ने जल भरो के साथ किया।
इस योग चैंपिनयनशिप में 22 जिलों के प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर योग के नेशनल खिलाड़ी हार्दिक कुशवाहा ने जलता दीप अपने सिर पर रखकर योग की विभिन्न विधाओं को प्रदर्शित किया। “मेरा जन्म श्मशान, लेकिन मैं जिंदा शहर बनारस हूं………मैं पारस हूं गाने पर योग की विधा को प्रदर्शित कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
महिला नेशनल योग खिलाड़ी गुलदत्ता ने भी म्यूजिक के साथ योग को प्रदर्शित किया।
इस मौके पर कुलपति कर्नल डा. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि योग जीवन जीने की एक कला है और हमारे दैनिक जीवन की शुरूआत भी योग से होती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी भी योग करते हैं। योग से मनुष्य के मन एवं मस्तिष्क में ऊर्जा का समावेश होता है। भारतीय संस्कृति की पद्धति में योग का एक अलग महत्व है। कुलपति ने कहा कि योग से सोचने और समझने की क्षमता विकसित होती है। कहा कि प्रतियोगिता में जीत और हार होती रहती है लेकिन इससे हमें सीख लेने की जरूरत है।
आयोजन समिति के सचिव योगाचार्य भीम ने कहा कि योग खिलाड़ियों को जिले के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करना होगा। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्वल भविष्य की मंगलकामना भी की। योग पद्धति को अपनाकर कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। योग से मनुष्य का तन एवं मन दोनों स्वस्थ रहता है।अयोध्या योग एसोसिएशन की उपाध्यक्ष डा. रितु मेहता ने बताया कि छात्र-छात्राओं में योग प्रतिस्पर्धाएं समय-समय पर होनी चाहिए, इससे छात्र-छात्राओं की प्रतिभाएं निखर कर सामने आतीं हैं।
इस चैंपियनशिप का आयोजन कृषि विवि अयोध्या और योगासन स्पोर्ट अलायंस एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में आयोजित किया गया। योग विशेषज्ञ डा. दिवाकर सिंह व डा. देवनारायण पटेल के संयोजन में राज्यस्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. अजय त्रिपाठी व समस्त अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डा. आर.के. आनंद ने किया। चैंपियनशिप में 22 जिलों के प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी मौजूद रहे।