-रामकृष्ण मिशन आश्रम अयोध्या में शुरू हुई निशुल्क होम्योपैथिक क्लीनिक
अयोध्या। रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम लखनऊ के तत्वाधान में विवेकानंद पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम अयोध्या में रामनवमी के पावन पर्व पर आज निशुल्क होम्योपैथिक क्लीनिक का शुभारंभ रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी जी ने कहा की एलोपैथिक की तरह होम्योपैथी से भी गंभीर रोगों का सफल इलाज हो सकता है बिना किसी साइड इफेक्ट के। उन्होंन कहा कि एलोपैथिक दवा से मरीज को कई तरह के दुष्प्रभाव झेलने पड़ते हैं लेकिन होम्योपैथिक दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. साथ ही जड़ से रोग समाप्त होता है .होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति सभी के लिए सुलभ है और सस्ती भी है इसलिए इसके व्यापक प्रचार व जागरूकता की जरूरत भी है. लोग इसकी दवा को सस्ती समझकर इसके सुनिश्चित लाभ से वंचित रह जाते हैं जो की एक बड़ी भयंकर भूल है।
स्वामी मुक्तिनाथानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार के अनुसार मरीज को सबसे सस्ता और अच्छा इलाज मिलने की संकल्पना को साकार करने से ही नर सेवा के रूप में नारायण सेवा हो सकती है. इसलिए भगवान राम की पावन जन्मभूमि से यह जन कल्याणकारी शुरुआत की गई है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके .साथ ही अयोध्या धाम के साधु संतों को भी निशुल्क उपचार का लाभ मिल सके. इसके लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार ,बुधवार एवं शुक्रवार को प्रातः 9 से दोपहर 1बजे तक निशुल्क होम्योपैथिक क्लिनिक चलाई जा रही है इसमें होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह द्वारा रोगियों की जांच कर उन्हें परामर्श एवं दवाएं भी निशुल्क प्रदान की जाएगी।
विवेकानंद हॉस्पिटल के होम्योपैथिक विभाग अध्यक्ष डॉ.अमित पांडे ने बताया कि इस क्लीनिक में बच्चों, महिलाओं व स्त्री रोग संबंधी बीमारियों का सफल इलाज किया जाएगा. डॉ. पांडे ने कहा कि होम्योपैथी अपने आप में पूर्ण सफल चिकित्सा पद्धति है लेकिन डॉक्टरों के आधे अधूरे ज्ञान से इसकी साख में गिरावट आ गई जिसे दूर करने के लिए और इसका पूरा लाभ मरीज को दिलाने के लिए रामकृष्ण मिशन लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद की प्रेरणा से क्लीनिक की शुरुआत की गई है। अयोध्या क्लीनिक की प्रभारी डॉ.शालिनी सिंह , एमडी होम्योपैथ ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी होम्योपैथिक को एलोपैथ के बाद दूसरे स्थान पर रखा है।
क्योंकि यह एक सस्ती एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है. जितना यह बच्चों, महिलाओं के लिए उपयोगी है उतना ही बुजुर्गों के रोगों के इलाज में भी पूरी तरह सफल है. शुभारंभ कार्यक्रम में रामकृष्ण मठ के सन्यासियों द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण व आरती की गई. स्वामी मुक्तिनाथानंद द्वारा निशुल्क क्लीनिक का उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर अयोध्या आश्रम के प्रभारी स्वामी मोक्षप्रदानंद एवं स्वामी पूर्णमथानंद भी उपस्थित रहे।