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हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा बनाने का कार्य करेंगीं वैश्विक मजबूरियां : सुमित्रानंदन

विश्व हिंदी दिवस पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर हुई बैठक

अयोध्या। वैश्विक मजबूरियां हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा बनाने का कार्य करेंगी, बिना हिंदी को आत्मसात किए दुनिया की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व सांस्कृतिक व्यवस्था परिपूर्ण नहीं होगी, उक्त उद्गार रविवार को श्रृंगार हाट अयोध्या स्थित रघुनाथ भवन वैद्यजी के मंदिर में हिंदी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान की आगामी 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित संगोष्ठी, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक समारोह की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ लेखक सुमित्रानंदन यादव ने व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के लालित्य, माधुर्य से संपूर्ण विश्व आह्लादित है।

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बैठक में समस्त साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए हिंदी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ0 सम्राट अशोक मौर्य ने सभी से आग्रह किया कि आगामी 10 जनवरी को समय से सुनियोजित ढंग से एक साहित्यिक परिवार के सदस्य के रूप में संलग्न होकर उक्त समारोह को विधिवत रूप से संचालित कराने में अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान करें, जिससे मातृ भाषा हिंदी को राष्ट्रभाषा और विश्व की संपर्क भाषा बनाने के इस मुहिम को एक अच्छे संदेश के रूप में आगे विस्तारित किया जा सके,और केंद्र तथा प्रदेश की सरकारों पर दबाव बनाकर हिंदी को उसके समुचित अधिकार दिलाया जा सकें।

प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह ‘‘वत्स‘‘ ने कहा कि बिना हिंदी को पूर्ण आत्मसात किए हमारी सभ्यता और संस्कृत सुरक्षित नहीं रह सकती। इस संबंध में समारोह को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विविध समितियों का भी गठन किया गया। उक्त अवसर पर बैठक में अपने सुझाव प्रेषित करने वालों में प्रमुख रूप से कवि दुर्गेश कुमार ‘‘निर्भीक‘‘, करुणा पाण्डेय,काजल पाठक, कवियत्री प्रियंका पाण्डेय, रामजी कुशवाहा, पवन पाण्डेय,महेंद्र उपाध्याय, आचार्य स्कंद दास,बृजेंद्र श्रीवास्तव, सम्राट अंजनी मौर्य मदन मोहन मौर्य,सत्य नारायन मौर्य,गीता मिश्रा, डॉ0 बाबूराम मौर्य, डा0अरुण मौर्य,परमजीत कौर,परमिंदर कौर,अंकुर पाण्डेय,मनीष पाण्डेय,बबलू,अजय कुमार माझी, विंध्यवासनी शरण पांडिया,पूजा श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह चंद्रवंशी, पंडित चंद्रधर द्विवेदी, कवि मुजम्मिल फिदा हुसैन, समाजसेवी शरद पाठक ‘‘बाबा‘‘आदि उपस्थित रहे।

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