-आरटीओ प्रशासन ऋतु सिंह ने मण्डल के सभी एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन, पीटीओ, मोटरयान निरीक्षक को दिये निर्देश
अयोध्या। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त अधिकारियों को प्रदेश में नेशनल कैपिटल रीजन एवं अन्य क्षेत्रों में पंजीकृत समस्त वाहनों में थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्कस सहित हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगावाये जाने के दिये गये निर्देशों के क्रम में आरटीओ प्रशासन ऋतु सिंह ने मण्डल के सभी एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन, पीटीओ, मोटरयान निरीक्षक को उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए अपने जनपदों में पंजीकृत समस्त वाहनों में हाई सिक्योरिटी प्लेट शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किये हैं।
जिसमें कहा गया है कि पुराने वाहनों में थर्ड रजिस्ट्रेशन मक्सिहित हाई सिक्योरिटी प्लेट को लगाये जाने हेतु प्रिन्ट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें। समस्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) 01 अप्रैल .2019 से पूर्व पंजीकृत एवं संचालित 7500 कि० ग्रा० एवं उससे अधिक सकल यान भार क्षमता वाले समस्त माल वाहनों के स्वामियों द्वारा अपनी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अवश्य प्रतिस्थापित करा ली जाय।
14 फरवरी से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में विभिन्न कार्य हेतु प्राप्त होने वाले आवेदनों यथा स्वस्थता प्रमाण पत्र, पंजीयन प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति, स्वामित्व अंतरण, पता परिवर्तन, पंजीयन का नवीनीकरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र, हाइपोथिकेशन पृष्ठांकन /निरस्तीरण, नया परमिट, परमिट की द्वितीय प्रति, परमिट नवीनीकरण, अस्थायी परमिट, विशेष परमिट, नेशनल परमिट व बीमा तथा प्रदूषण प्रमाण पत्र अद्यतन आदि से सम्बन्धित कार्यवाही करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि उस मोटरयान पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अवश्य लगी हो। जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट न लगी पायी जाय, उनके विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही नियमानुसार अभियानात्मक रूप से निरन्तर (अहर्निश) करते हुए उनका पर्यवेक्षण संभागीय स्तर से संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) के द्वारा किया जाय।
संभागीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि सभी वाहन स्वामियों, डीलर्स आदि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए तत्काल अपने वाहनों में मानक अनुसार हाई सिक्योरि टीप्लेट अवश्य लगवा लें। अन्यथा सड़क पर बिना हाई सिक्योरि टोप्लेट लगी वाहन संचालित पाये जाने पर प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा चालान की कार्यवाही की जाएगी एवं कार्यालय में भी बिना हाई सिक्योरिटीप्लेट के 14 फरवरी के पश्चात उनके वाहन का कोई कार्य नही हो पाएगा।