-गैंग के सात सदस्यों में चार पुलिस की पकड से दूर, एक पूर्व में जेल में निरूद्ध
अयोध्या। थाना कैण्ट क्षेत्र में फर्जी एसओजी/एसटीएफ बनकर यात्रियों व व्यापारियों का अपहरण कर लूट करने वाली अन्तरजनपदीय गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई नकदी, जेवरात, घटना में प्रयुक्त कार तथा अवैध असलहा बरामद किया है। 27 जनवरी 2026 को एक व्यक्ति ने थाना कैण्ट में तहरीर देकर बताया था कि चार पहिया वाहन सवार कुछ अज्ञात लोगों ने असलहा दिखाकर उसके गले की सोने की चेन, हाथ का चांदी का कड़ा, मोबाइल फोन और घड़ी लूट ली। मामले में धारा 310(2), 311, 317(3), 351(3) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत कैंट थानें में केस दर्ज किया गया था।
15 फरवरी 2026 को गोरखपुर-लखनऊ हाईवे के किनारे अब्बूसराय गांव के पास से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सौरभ पाण्डेय निवासी भर्ती का पुरवा रामगढ़, छावनी, बस्ती तथा महेश सिंह निवासी पिण्डारा, मुसाफिरखाना, अमेठी के रूप में हुई है। आरोपितों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, एक सोने की चेन, एक चांदी का कड़ा, वादी का पर्स व आधार कार्ड, घटना में प्रयुक्त मारुति सुजुकी वैगनआर कार तथा दो देशी तमंचा (315 बोर) व चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे 5-6 लोगों के समूह में हाईवे पर अकेले यात्रा कर रहे व्यापारियों या वाहन चालकों को निशाना बनाते थे। स्वयं को पुलिस अधिकारी, एसओजी या एसटीएफ बताकर वाहन में बैठाते, मारपीट कर जेवर व नगदी लूट लेते थे।
पीड़ित के मोबाइल से परिजनों को फोन कर खाते में रुपये मंगवाने के बाद उन्हें सुनसान स्थान पर छोड़ दिया जाता था। गैंग के चार अन्य सदस्य फरार बताए गए हैं, जबकि एक आरोपी पूर्व से जेल में निरुद्ध है। गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध विभिन्न जनपदों में लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी डा गौरव ग्रोवर ने बताया कि फरार आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपितों पर गैंगेस्टर की कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस द्वारा क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।