-कृषि विवि में आलू अनुसंधान परीक्षणों को लेकर आई.सी.ए.आर. (ICAR) की उच्च अधिकारियों के टीम का दौरा
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मुख्य प्रायोगिक प्रक्षेत्र (सब्जी विज्ञान) का आई.सी.ए. आर के उच्च अधिकारियों की टीम ने दौरा कर आलू पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना’ (ICAR-AICRP on Potato) के शोध परीक्षणों का बारीकी के साथ निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विश्वविद्यालय द्वारा आलू की नई उन्नत प्रजातियों और वैज्ञानिक पद्धतियों पर किए जा रहे उत्पादन के कार्यों की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के लिए उन्नत प्रजातियों जैसे कुफरी पुखराज, कुफरी ख्याति, कुफरी नीलकंठ अधिक उपयोगी है। इन प्रजातियों से किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR), लखनऊ द्वारा वित्त पोषित “वायरस मुक्त आलू बीज उत्पादन” परियोजना के तहत संचालित शोध कार्यों का भी भ्रमण किया। वैज्ञानिकों ने फसल सुरक्षा में झुलसा रोग एवं फोमा रोग (जिसे किसान परपरा बोलते हैं) को बारीकी से देखा और इनके प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने कहा कि एजोक्सीस्तराबीन टेबुकोनाजोल का एक एमएल प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। इसके साथ ही फसल चक्र अपनाएं जो किसानों को रोग प्रबंधन में मददगार साबित होगा
क्षेत्रीय केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मेरठ के निदेशक डॉ राजेश कुमार सिंह का कहना है कि रोगमुक्त बीज उत्पादन को लेकर विवि तेजी के साथ कार्य कर रहा है जिससे आने वाले समय में किसानों को इसका दोगुणा लाभ मिलेगा और इससे किसानों की आमदनी में भी तेजी के साथ बढ़ोतरी होगी। इसका परीक्षण आशीष सिंह की देखरेख में हो रहा है।
अनुसंधान परीक्षण का कार्य परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. सी.एन.राम एवं सह-मुख्य अन्वेषक डॉ. प्रदीप कुमार दलाल के संयोजन में हो रहा है। इस मौके पर क्षेत्रीय केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मेरठ के निदेशक डॉ राजेश कुमार सिंह, चंद्रशेखर आजाद कृषि विवि कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार यादव, निदेशक शोध डॉ. शम्भू प्रसाद, निदेशक प्रसार डॉ.आर.बी.सिंह,निदेशक प्रशासन डॉ.सुशांत श्रीवास्तव, अधिष्ठाता डॉ. भगवानदीन, सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र प्रभारी डॉ. आस्तिक झा, आशीष सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।