-कृषि विवि में अत्याधुनिक “रियल-टाइम एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन“ का उद्घाटन
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में शनिवार को एक अत्याधुनिक “रियल-टाइम एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन” की स्थापना की गई। इसका उद्घाटन कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा किया गया। यह स्टेशन, जो विश्वविद्यालय परिसर में रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाला अपनी तरह का पहला उच्च क्षमता युक्त अनुसंधान आधारित केंद्र है। इसकी मदद से वातावरण में मौजूद प्रमुख प्रदूषकों जैसे PM2.5, PM10, NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड), SO₂ (सल्फर डाइ ऑक्साइड), CO (कार्बन मोनोऑक्साइड), O₃ (ओज़ोन) तथा तापमान, आर्द्रता, वर्षा, हवा की गति और दिशा जैसी जलवायु-संबंधी सूचनाएं रियल टाइम में रिकॉर्ड और विश्लेषित की जा सकेंगी।
इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि इस मॉनीटरिंग स्टेशन की स्थापना एक मील का पत्थर है। यह पहल छात्रों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं को पर्यावरणीय तथ्यों और जलवायु परिवर्तन की सच्चाई से रूबरू कराएगी। सतत कृषि विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है जो आने वाले वर्षों में पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को लाभान्वित करेगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्टेशन न केवल उच्च स्तरीय शोध पत्रों और परियोजनाओं के लिए डेटा प्रदान करेगा, बल्कि किसानों के लिए अल्पकालिक व दीर्घकालिक मौसम पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी, पर्यावरणीय शिक्षा और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भी उपयोग किया जाएगा। यह स्टेशन स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के विद्यार्थियों के लिए एक “लिविंग लैब” के रूप में कार्य करेगा, जहाँ वे डेटा विश्लेषण, सॉफ्टवेयर मॉडलिंग, जलवायु जोखिम मूल्यांकन और नीति परामर्श जैसे कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
विवि के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थापना हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। यह न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि हमारे विद्यार्थियों को भी व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी कौशल सिखाने में मदद करेगा। हम पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, इस पहल के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।
यह केंद्र पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक सूचनाओं का सटीक और समयोचित स्रोत साबित होगा। यह केंद्र न केवल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं और छात्रों को वायुमंडलीय डेटा के साथ अनुसंधान के नए आयाम प्रदान करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थितियों पर वैज्ञानिक आधारित नीति-निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मौके पर मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सीताराम मिश्रा, कुलपति के सचिव डा. जसवंत सिंह व निदेशक शोध डा. सुशील कुमार सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।