-खाली पड़ी जमीन को बेचने के लिए आधार कार्ड में हेरफेर कर बदल दिया जमीन मालिक का नाम
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में जमीनों की जालसाजी का खेल लगातार सामने आ रहा है। ताजा मामले में खाली पड़ी जमीन को बेचने के लिए आधार कार्ड में हेरफेर कर जमीन मालिक का नाम बदल दिया गया और तीन लाख रुपये की ठगी कर ली गई। मामला अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के कनक अस्पताल के पास स्थित जमीन से जुड़ा है। अकबरपुर निवासी जमीन मालिक मनीराम को जब इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार आरोपी हरिशंकर वर्मा अपने पिता के दवा इलाज हेतु फैजाबाद आता जाता रहता था । इसी दौरान उसकी मुलाकात उसके पूर्व परिचित अशोक कुमार शुक्ला जो जैतापुर चनहा के रहने वाले हैं, मिले । उनके द्वारा हरिशंकर वर्मा को कनक अस्पताल के सामने खाली प्लाट दिखाते हुए कहा गया कि यह खाली जमीन लावारिस है । इसके बारे में तुम खोजबीन कर लो और चाहो तो जमीन को अपने नाम से एग्रीमेण्ट कराकर बेंच दो, जिस पर हरिशंकर वर्मा द्वारा उक्त जमीन को आन लाइन सर्च किया गया तो उक्त जमीन मनीराम निवासी अकबरपुर के नाम से होना पाया गया ।
हरिशंकर द्वारा अकबरपुर में मनीराम की तलाश की गयी मनीराम नाम के व्यक्ति का अम्बेडकर नगर में पता न चल पाने के कारण हरिशंकर वर्मा द्वारा अपने भांजे से एक आदमी (लेबर) काम हेतु उपलब्ध कराये जाने हेतु कहा गया, जिस पर हरिशंकर वर्मा के भांजे लल्ला उर्फ राजेश वर्मा द्वारा अजय कुमार निवासी जनपद बस्ती से मुलाकात करायी गयी ।
हरिशंकर वर्मा अजय कुमार आपस में मिलकर हरिशंकर वर्मा द्वारा अजय कुमार के आधार में छेड़छाड़ करते हुए अजय कुमार के नाम व निवास स्थान पर मनीराम निवासी अकबरपुर दर्ज कराते हुए अपने मित्र शीतला प्रसाद के माध्यम से जगदम्बा प्रसाद को जमीन दिखाकर जगदम्बा प्रसाद से डेढ़ लाख रूपया लेकर अजय कुमार को मनीराम बताते हुए गाटा संख्या 63 रकबा 130 वर्ग मीटर आवासीय जमीन ग्राम भीखापुर की तय शुदा रकम सात लाख, रकम बयाना पेशगी तीन लाख रूपये में अपने तथा जगदम्बा प्रसाद के नाम से एग्रीमेण्ट करा दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।