-12.13 करोड़ की लागत से बन रही जी+3 इमारत, अयोध्या को मिलेगा आधुनिक सर्किट हाउस
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल देश, बल्कि वैश्विक स्तर पर आस्था, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। इसी बढ़ती प्रतिष्ठा और आगंतुकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए शहर में अतिथि सुविधाओं और प्रशासनिक ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में कौशल्या घाट के समीप एक अत्याधुनिक और भव्य नए सर्किट हाउस का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। यह सर्किट हाउस भविष्य में प्रशासनिक गतिविधियों, वीवीआईपी प्रवास और उच्चस्तरीय बैठकों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग 12.13 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, कौशल्या घाट के पास जी+3 बिल्डिंग में बन रहे इस सर्किट हाउस का अब तक लगभग 57 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग, सीडी-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जा रहा है तथा इसे तय समयसीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। जिससे यह भवन रामनगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी प्रतिबिंबित कर सके।
मंदिर निर्माण के बाद बढ़ी वीवीआईपी आवाजाही
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद अयोध्या में केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके साथ ही देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इससे प्रशासनिक बैठकों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और सरकारी गतिविधियों की आवश्यकता भी कई गुना बढ़ गई है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए सर्किट हाउस के निर्माण का निर्णय लिया, ताकि अयोध्या आने वाले वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके। निर्माण कार्य में पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग के साथ-साथ सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सर्किट हाउस में होंगे कुल 30 आधुनिक कमरे
नया सर्किट हाउस कुल 30 कमरों से सुसज्जित होगा, जिनमें दो विशेष वीआईपी सुइट शामिल किए गए हैं। ये सुइट अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे और विशिष्ट अतिथियों के लिए आरक्षित रहेंगे। भवन में मॉड्यूलर किचन, विशाल डाइनिंग हॉल, आकर्षक वॉल लाइटिंग, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और लग्जरी बाथरूम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक बैठकों और सम्मेलनों के आयोजन के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे यह भवन बहुउद्देश्यीय उपयोग के लिए सक्षम बन सके।
प्रशासनिक और वैश्विक पहचान में निभाएगा अहम रोल
विशेषज्ञों का मानना है कि नया सर्किट हाउस अयोध्या के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ शहर की वैश्विक पहचान को और सशक्त करेगा। यह भवन न केवल सरकारी अधिकारियों और वीआईपी के ठहरने का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि नीति निर्धारण, समीक्षा बैठकों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
अयोध्या महायोजना 2031 के विजन को मिलेगा बल
अयोध्या महायोजना 2031 के तहत शहर को आस्था, भव्यता और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस महायोजना में पर्यटन अवसंरचना का विकास, चौड़ी और आधुनिक सड़कें, घाटों का सौंदर्यीकरण, होटल और अतिथि गृहों का विस्तार शामिल है। नया सर्किट हाउस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। अनुमान है कि 2026 तक करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। ऐसे में ठहरने और प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। नया सर्किट हाउस इस दिशा में एक अहम कदम साबित होगा और अयोध्या की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।