-परीक्षा के दौरान प्रथम वर्ष के विषय प्रश्न पत्र के बजाय बांट दिए द्वितीय वर्ष के विषय प्रश्न पत्र, जिम्मेदार मामले को लेकर परस्पर एक दूसरे के सिर फोड़ रहे ठीकरा
अयोध्या ।आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में चल रही सेमेस्टर परीक्षा एक बार फिर कृषि महाविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लापरवाही की भेंट चढ़ गई। निर्धारित विषय प्रश्न पत्र की बजाय द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं का प्रश्न पत्र देख परीक्षार्थी हैरान हो गए और कच्छ निरीक्षक से शिकायत की तब मामले में तूल पकड़ा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन- फानन में प्रथम पाली की परीक्षा निरस्त कर दी। हालांकि अभी उक्त विषय के परीक्षा का दूसरा कार्यक्रम नहीं जारी हो सका है। उधर दूसरी ओर इस भारी लापरवाही का ठीकरा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सहित कृषि अधिष्ठाता तक परस्पर एक दूसरे को बताते हुए किनारा कस रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के अधीन कृषि महाविद्यालय अंतर्गत एग्रीकल्चर बिजनेस मैनेजमेंट प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा एबीएम-506 विषय की सुनिश्चित थी। किंतुपरीक्षा कच्छ में मौजूद छात्र-छात्राओं को एबीएम-507 प्रश्न पत्र वितरित कर दिया गया।
सेमेस्टर से अतिरिक्त प्रश्न देख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा कक्षा में मौजूद शिक्षकों से शिकायत की। फिर क्या था विश्वविद्यालय में अफरा तफरी का माहौल बन गया। थक हारकर विश्वविद्यालय की जिम्मेदार अधिकारियों ने सोमवार की परीक्षा निरस्त कर दी। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से अभी उक्त विषय के परीक्षा की दूसरी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। उधर कृषि अधिष्ठाता डॉ धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रश्न पत्र व्यवस्था की जिम्मेदारी रजिस्ट्रार की होती है।
उधर दूसरी ओर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ पीएस परमानिक का कहना है किप्रश्न पत्र से कोई दिक्कत नहीं थी, केवल एक प्रोफेसर साहब डॉ महेंद्र सिंह के कहने पर परीक्षा टाली गई है। इस प्रकार से विश्वविद्यालय का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी लगातार हो रही लापरवाही एवं चूक की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। जिसके चलते छात्र-छात्राओं को परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।