-राज्यपाल ने अवध विवि से संबद्ध अनुदानित व राजकीय महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ की समीक्षा बैठक

अयोध्या। प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को जनभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित एवं राजकीय महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा अपने-अपने संस्थानों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दौरान उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, महाविद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने तथा एनआईआरएफ रैंकिंग एवं नैक मूल्यांकन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने निर्देश दिए कि प्राचार्य अध्यापकों को प्रेरित करें, स्थानीय विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों से संपर्क स्थापित करें तथा अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाएं। साथ ही महाविद्यालयों की विशेषताओं एवं उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी नामांकन हेतु आकर्षित हों। कुलाधिपति ने अध्यापकों की गुणवत्ता सुधार पर बल देते हुए कहा कि जिन शिक्षकों की पीएचडी पूर्ण नहीं हुई है, वे शीघ्र अपनी पीएचडी पूर्ण करें, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थान तीनों को लाभ मिल सके।
ई-कंटेंट लाइब्रेरी के अधिकाधिक उपयोग तथा उसमें शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रीगण, अधिकारी, प्रधानाचार्य एवं शिक्षक सभी समन्वय स्थापित कर कार्य करें और सामूहिक प्रयासों से समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने निर्देश दिए कि महाविद्यालय अपनी समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों से निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने शिक्षकों को समय से कक्षाओं में उपस्थित होकर नियमित शिक्षण कार्य करने के लिए प्रेरित किया तथा अधिकारियों को महाविद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण (सरप्राइज विजिट) करने के निर्देश दिए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को अनावश्यक गतिविधियों से दूर रखते हुए सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में संलग्न करने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने, उन्हें ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं में सहभागिता के लिए प्रेरित करने तथा विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों को ‘अग्निवीर’ जैसे रोजगारपरक अवसरों से जोड़ने पर भी बल दिया।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में भागीदारी हेतु प्रेरित करते हुए आश्वस्त किया कि इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कुलाधिपति ने महाविद्यालयों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां गुणवत्तापूर्ण कार्यशालाएं एवं कार्यक्रम आयोजित करें तथा जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करें, जिससे विद्यार्थियों को अधिक अवसर एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सके। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है, अतः महाविद्यालयों को योजनाबद्ध ढंग से प्रोजेक्ट तैयार कर संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को उसका लाभ पहुंचाना चाहिए। इस अवसर पर कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह, कुलसचिव विनय कुमार सिंह सहित महाविद्यालयों के प्राचार्यगण राजभवन में उपस्थित रहे।