बेसहारा महिला के बेटे का फर्ज निभा रहे जिलाधिकारी डाॅ. अनिल कुमार

  • श्मशान में मुखग्नि देने के बाद अस्थियों को सरयू नदी में किया विसर्जित

  • तेरहवीं संस्कार पर ब्राह्मणों को करायेंगे भोजन

फैजाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार जो कर रहे है वह बिरले लोग ही करते हैं उन्होंने एक लावारिस बेसहारा महिला का निधन हुआ तो बेटे की तरह श्मशान घाट पर मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया उसके बाद गुरूवार को जिलाधिकारी ने वृद्ध महिला की अस्थियो को वैदिक मत्रों के बींच सरयू नदी के गुप्तार घाट पर विसर्जित किया। इसके बाद वह महिला के तेरहवीं संस्कार पर ब्राह्मणों को भोजन भी करायेंगे। जिलाधिकारी के उक्त कार्य की चहुंओर प्रशंसा हो रही है।
बतातें चलें कि बीते 11 जुलाई को रौनाही थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बुजुर्ग महिला घायल पड़ी थी। उधर से गुजर रहे डीएम डॉ. अनिल कुमार पाठक की नजर पड़ी तो अपनी गाड़ी रोकवा कर महिला की हालत देखी। उसके दाएं पैर की जांघ और मुँह का दोनों तरफ का जबड़ा टूटा था। शायद किसी वाहन ने महिला को टक्कर मार कर दिया था। यह दुर्घटना करने वाला व्यक्ति महिला को मरने के लिए सड़क पर ही छोड़ कर चला गया था। डीएम ने उस महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और डॉक्टरों से कहा कि इलाज का खर्च वह वहन करेंगे। फिलहाल डीएम का मरीज होने के कारण जिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी उस लावारिस महिला की पूरी सेवा करते रहे। जबड़े का ऑपरेशन करने के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (यूनिवर्सिटी), लखनऊ से डॉक्टर को बुलाया गया था। इतना सबके बाद आखिरकार वह महिला जिन्दगी की जंग हार गई और सोमवार को प्रातः अस्पताल में दम तोड़ दिया। विडम्बना यह कि मरते दम तक वह अपना नाम और पता नहीं बता पाई। डीएम डॉ. अनिल कुमार ने जमथरा घाट पर पूरे रस्म के साथ मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार करते हुए उस महिला के पार्थिव शरीर को सम्मान दिया। फैजाबाद जिले में पहली बार किसी उच्च अधिकारी की ऐसी संवेदनशीलता देखने को मिली है जिसकी समाज में भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।

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