-मीडियन में 1005 और फुटपाथ पर 2010 पोल्स पर लगेंगी डेकोरेटिव लाइट्स, श्रद्धालुओं को मिलेगा भव्य अनुभव, पूरी परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था
अयोध्या। निर्माणाधीन चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग प्रकाश से जगमगाएगा। योगी सरकार की ओर से इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से भव्य डकोरेटिव लाइटिंग व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से यह परियोजना अयोध्या की आस्था को नया आयाम देने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की सबसे पवित्र परंपराओं में से एक है। यह मार्ग लगभग 40-45 किलोमीटर लंबा है, जो सरयू नदी के आसपास फैला हुआ है और राम भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।लाखों-करोड़ों राम भक्त यहां परिक्रमा करने आते हैं, खासकर कार्तिक मास में। इस समय मार्ग का चौड़ीकरण चल रहा है। फोर लेन सड़क बनाई जा रही है। अब नए मार्ग पर भव्य लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। बल्कि कई जगहों पर लगाई भी जा चुकी है। मीडियन में 1005 और फुटपाथ पर 2010 पोल्स पर डेकोरेटिव लाइट्स लगेंगी। कुल मिलाकर रामपथ व धर्मपथ जैसी व्यवस्था रहेगी।
लोक निर्माण विभाग खंड 3 के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पूरी परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक और आकर्षक डकोरेटिव लाइट्स लगाई जा रही हैं। ये लाइट्स न केवल मार्ग की शोभा बढ़ाएंगी, बल्कि रात में भी परिक्रमा को सुगम और सुरक्षित बनाएंगी। डिजाइनर लाइटिंग से मार्ग दिव्य अनुभव प्रदान करेगा, जहां हर कदम पर भगवान राम की कृपा का एहसास होगा।
यह परियोजना सौंदर्यीकरण के साथ सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। पहले रात में अंधेरे के कारण दुर्घटना या असुविधा की आशंका रहती थी, लेकिन अब एलईडी आधारित ऊर्जा-कुशल लाइट्स, सिस्टम से मार्ग पूरी तरह रोशन रहेगा। इससे श्रद्धालु बिना किसी भय के रात भर परिक्रमा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को वैश्विक स्तर की धार्मिक नगरी बनाने का संकल्प लिया है।
राम मंदिर के साथ ही 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण, कुंडों का जीर्णोद्धार, फोर-लेन सड़कें, शौचालय, विश्राम स्थल और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस लाइटिंग प्रोजेक्ट को इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे अयोध्या न केवल धार्मिक केंद्र बनेगी, बल्कि पर्यटन का प्रमुख हब भी बनेगी। श्रद्धालु इस दिव्य प्रकाश व्यवस्था से अभिभूत हैं।