-रंगकर्मी शहजाद रिजवी व फरजाना मेहदी नक शहीद अशफाक़ उल्लाह खाँ के जीवन पर पेश की दास्तान

अयोध्या। जनवादी लेखक संघ व शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से ’दास्तान-ए-अशफाक़’ शीर्षक से दास्तानगोई का आयोजन नन्द कान्वेन्ट स्कूल, देवकाली के परिसर में किया गया। दास्तानगोई के प्रस्तुतकर्ता लखनऊ से आए रंगकर्मी शहजाद रिजवी और फरजाना मेहदी थे। दोनों कलाकारों ने अमर शहीद अशफाक़ उल्लाह खाँ के जीवन पर केंद्रित दास्तान पेश की।
उन्होंने 1857 के संग्राम से लेकर काकोरी एक्शन तक के इतिहास और उसमें अमर शहीद अशफाक़ उल्लाह खाँ सहित साथी क्रांतिकारियों की भूमिका और उससे जुड़ी घटनाओं का रोचक अंदाज में सजीव वर्णन किया। सैकड़ों की तादाद में मौजूद श्रोताओं और शहर के बौद्धिक वर्ग ने इस पेशकश की दिल से सराहना की। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों ने काकोरी एक्शन के नायक अमर शहीद अशफाक़ उल्लाह खाँ के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम का परिचय देते हुए डॉ विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि दास्तानगोई की विधा अत्यंत पुरानी है जो बीच में विलुप्ति के कगार पर थी। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि 1857 की क्रांति के नायक मौलवी अहमद उल्लाह शाह की कर्मस्थली फ़ैज़ाबाद में यह आयोजन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह खुशी का विषय है कि नई पीढ़ी के बीच यह दास्तानगोई संभव हो रही है जिससे उन्हें इसके माध्यम से शहीदों की कुर्बानी के बारे में जानने का मौका मिलेगा। लखनऊ से पधारे दास्तान के लेखक असगर मेहदी ने दास्तानगोई के इतिहास और शहीद अशफाक़ के जीवन के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बात की। इससे पहले अतिथियों का स्वागत करते हुए शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा कि यह साल काकोरी एक्शन का सौवां साल है इसलिए काकोरी के महानायकों को याद करते हुए उनके विचारों को आम जनता तक ले जाने की हमारी सबकी बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि-लेखक आर डी आनंद, बृजेश श्रीवास्तव और अनंत सिंह के क्रांतिकारी गीतों से हुई। संचालन कर रहे जनवादी लेखक संघ के कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारी सचिव मुजम्मिल फिदा ने कहा कि काकोरी के नायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रौशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और अमर शहीद अशफाक उल्लाह खान का शहादत दिवस समारोह प्रगतिशील धड़े समेत पूरे समाज के लिए खास अहमियत रखता है। कार्यक्रम को सीपीआई के अशोक तिवारी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का महत्व असंदिग्ध है।
विद्यालय के प्रबंधक आनंद, युवा कवि कबीर और अखिलेश सिंह ने आमंत्रित अतिथियों के स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में जलेस की सदस्य और वरिष्ठ कवयित्री विनीता कुशवाहा, पूजा श्रीवास्तव, पूनम सूद, कवि आशाराम जागरथ, ऋतु राठौर, विनोद सिंह, डॉ पूनम, डॉ एकता सहित बड़ी संख्या में लेखक, कवि, संस्कृतिकर्मी और मीडिया के साथी मौजूद रहे।