-दिव्यांग का बाधा-रहित होगा नववर्ष का सफर

मिल्कीपुर। अमानीगंज विकासखंड के खण्डासा बाजार में रहने वाले 45 वर्षीय दिव्यांग भवानी प्रसाद की जिंदगी में सेंसर युक्त छड़ी नववर्ष की एक नई रोशनी लेकर आई है। जन्मजात दिव्यांगता के कारण दोनों आंखों से दिखाई न देने वाले भवानी प्रसाद को अब एक विशेष सेंसर युक्त छड़ी की मदद से चलने-फिरने में आसानी होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं हाईकोर्ट एडवोकेट सूरज कौशल की पहल पर दिव्यांग जन अधिकारी अयोध्या चंद्रेश त्रिपाठी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह सहायता प्रदान की है। यह छड़ी ना केवल भवानी प्रसाद को बाधाओं से बचाएगी बालकी उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों को भी कम करेगी।
भवानी प्रसाद की कहानी संघर्ष और उम्मीद की मिसाल है। वे जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। परिवार की सीमित आय के कारण वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे बड़ी समस्या शौचालय जाने की थी। अंधेरे में रास्ता टटोलते हुए वे अक्सर गिर जाते थे तथा चोट लग जाती थी।
भवानी प्रसाद बताते हैं, पहले हर कदम पर डर लगा रहता था। परिवार वाले मदद करते थे, लेकिन हमेशा तो संभव नहीं होता। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एडवोकेट सूरज कौशल ने सराहनीय कदम उठाया। सूरज कौशल अक्सर दिव्यांगों और जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते हैं उन्होंने इस मामले को दिव्यांग जन अधिकारी अयोध्या चंद्रेश त्रिपाठी के समक्ष रखा।
दिव्यांगजन अधिकारी त्रिपाठी ने भवानी प्रसाद के दस्तावेजों की जांच की और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करते हुए तत्काल एक सेंसर युक्त छड़ी जारी कर दी। यह छड़ी आधुनिक तकनीक से लैस है, जो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए वरदान साबित होती है। सेंसर युक्त छड़ी की खासियतें इसे सामान्य छड़ी से अलग बनाती हैं। इसमें अंतर्निहित सेंसर लगे हैं जो आसपास की बाधाओं को पहले से ही पहचान लेती हैं। जैसे ही सामने कोई दीवार, गड्ढा, पानी या अन्य अवरोध आता है, छड़ी 10 कदम पहले ही अलर्ट दे देती है।
यह अलर्ट वाइब्रेशन और अलार्म के माध्यम से होता है, जिससे उपयोगकर्ता समय रहते रुक सकता है या दिशा बदल सकता है। भवानी प्रसाद कहते हैं नया साल मेरे लिए सच्चा उपहार लेकर आया है। अब मैं बिना किसी की मदद के बाहर जा सकता हूं। यह छड़ी मेरी आंखों का काम कर रही है। बाजार या अन्य जगहों पर जाने में भी वे अब आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं इससे उनके परिवार में खुशी की लहर है।
फोटो- जन्मांध भवानी प्रसाद को छड़ी देते सूरज कौशल एडवोकेट