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कमिश्नर व डीएम ने नगर आयुक्त के साथ जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

-समस्या के स्थाई समाधान के संबंध में दिये दिशा निर्देश


अयोध्या। मंडलायुक्त गौरव दयाल व जिलाधिकारी नितीश कुमार ने नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के साथ अतिवृष्टि के कारण जल भराव से प्रभावित विभिन्न स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने श्री राम चिकित्सालय, जलवानपुरा मोहल्ला, अवधपुरी कॉलोनी, बछड़ा सुलतानपुर, जनौरा आदि क्षेत्रों का संबंधित अधिकारियों के साथ भ्रमण कर मौके की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा जलभराव वाले स्थानों पर नगर निगम के अधिकारियों को पम्पों द्वारा निकले जा रहे पानी का सतत निगरानी रखते हुये अवशेष भरे पानी को भी पम्प के माध्यम से अतिशीघ्र खाली करवाने के निर्देश दिये।

इस दौरान मंडलायुक्त व जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर जल भराव की समस्या के स्थाई समाधान के संबंध में भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। नगर निगम में 24 घंटे कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है, जिस पर कोई भी नागरिक जलभराव या उससे संबंधित कोई समस्या के लिए सम्पर्क कर सकता है। कन्ट्रोल रूम का टोल फ्री नम्बर 1800-313-1277/1533 एवं 05278-299400/7311165805 है। निरीक्षण के दौरान जल निगम, नगर निगम एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने राम पथ का किया निरीक्षण

मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि रामपथ लगभग 13 किलोमीटर में बना हुआ है तथा इसका निर्माण मानकों के अनुसार गुणवत्ता के साथ किया गया है इस पथ में एक क्षेत्र ऐसा है जहां पर जो सीवर लाइन डाली गई थी वहां पर कॉम्पेक्शन की कमी की वजह से 6-7 जगहों पर गड्ढे हो गए थे। उन्होंने बताया कि पूरे अयोध्या में पिछले दो वर्षों में साढे पांच हजार चेंबर बनाए गए हैं उसमें से 8 या 9 जगह ही ऐसी दिक्कत आई है वह भी अतिवृष्टि के कारण हुई है जनपद में पूरी वर्षा ऋतु के औसत वर्षा की 30 प्रतिशत बारिश मात्र 2 दिनों में हो गई है जिस कारण यह समस्या हुई है।

उन्होंने आगे बताया कि उक्त रामपथ कॉन्टैक्टर के एक वर्ष की डिफेक्ट लायबिलिटी व उसके उपरांत 04 वर्ष की मेंटीनेंस गारंटी में है जिससे कोई भी समस्या आने पर उसे तत्काल मरम्मत करा दिया जाता है ।इसके लिए पी0डब्लू0ड़ी0 के इंजीनियर की टीम लगाई गई है। इसके साथ ही रामपथ में आ रही दिक्कतों की जांच हेतु सभी सम्बन्धित विभागों की एक समिति गठित की गई है जो जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने बताया कि 13 किमी लंबे रामपथ में लगभग 300 मीटर में पथ के एक लेन में ही कुछ दिक्कते आई हैं जिसे शासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए जल निगम के अधिकारियों एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर कार्यवाही भी की है और सम्बन्धित कॉन्टैक्टर की जिम्मेदारी तय करते हुए उसी से सारा मरम्मत का कार्य कराए जा रहे है। राम पथ पर निर्वाध आवागमन चल रहा है।

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Written by Next Khabar Team

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