अवध विवि में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनश्चयन पर किया गया मंथन

तकनीकी संस्थान में पृथक परीक्षा सेल स्थापित किये जाने के साथ-साथ प्लेसमेंट व इनक्यूबेशन सेल को भी सक्रिय करने का कुलपति ने दिया निर्देश

फैजाबाद। डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में पृथक-पृथक दो बैठकों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनश्चयन के संदर्भ में व्यापक मंथन किया गया। प्रथमतः दोपहर 12 बजे अकादमिक सुधार समिति की बैठक में संकायाध्यक्ष प्रो0 आर0 के0 तिवारी, कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह, निदेशक महाविद्यालय विकास परिषद के प्रो0 एस0 एन0 शुक्ल तथा शिक्षक संघ के अध्यक्ष डाॅ0 विजय प्रताप सिंह की उपस्थिति में उक्त समिति केे 13 सदस्यों ने महाविद्यालयों एवं परिसर के अकादमिक वातावरण एवं पाठ्यक्रम सुदृढ़ीकरण पर व्यापक विचार-विमर्श किया। वहीं दूसरी तरफ कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित द्वारा अपरान्ह 1ः30 बजे विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी संस्थान के समस्त शिक्षकों के साथ एक समीक्षा बैठक कर संस्थान में शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन के संदर्भ में चर्चा की गई।
अकादमिक सुधार समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय विकास परिषद के माध्यम से सम्बद्ध महाविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संदर्भ में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें रोजगारपरक पाठ्यक्रमों जैसे-बी0वोक0 इन सोशल वर्क, बी0वोक0 माॅस कम्युनिकेशन एण्ड जर्नलिज्म, बी0वोक0 इन फाइन आर्टस, बी0 वोक0 इन योगा एण्ड नेचुरोपैथी, बी0वोक0 इन इलेक्ट्रानिक्स इत्यादि के पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए प्रेरित किया जाये। इसी क्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि परिसर के पाठ्यक्रमों में शिक्षक तथा छात्र दोनों की परफार्मेन्स का मूल्याकंन किये जाने की कार्ययोजना पर कार्य किया जाये। सम्बद्ध महाविद्यालयों में नियमित पठन-पाठन की स्थिति पर निगाह रखने हेतु एक निगरानी तंत्र विकसित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
उक्त के क्रम में कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने परिसर के प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी संस्थान के समस्त शिक्षकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। जिसमें नवनियुक्त निदेशक प्रो0 रमापति मिश्र की उपस्थिति में संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं छवि उन्नयन के संदर्भ में व्यापक चर्चा की गई। बैठक में कुलपति ने नवनियुक्त शिक्षकों से परिचय भी प्राप्त किया तथा शैक्षणिक गुणवत्ता सम्बन्धित बिन्दुओं पर शिक्षकों से सीधा संवाद किया। व्यापक विचार विमर्श के उपरांत कुलपति ने दो माह में समयबद्ध कार्य संपादन की जिम्मेदारी निदेशक को देते हुए निर्देशित किया कि निर्धारित समयावधि में संस्थान की पृथक सूचनायुक्त वेबसाइट निर्मित कर विश्वविद्यालय की साइट से लिंक करें। इसके अतिरिक्त कुलपति ने निदेशक से छात्र एवं शिक्षक दोनों के स्तर शैक्षणिक गुणवत्ता का फीडबैक सेमेस्टर के आधार पर प्रस्तुत करने को कहा। कुलपति ने निर्देशित किया कि ए0आई0सी0टी0ई0 नियमों के अन्तर्गत छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति प्रातः 9 बजे सांय 5 बजे तक सुनिश्चित की जाये। कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस भी शिक्षक का फीडबैक फैक्टर 2.5 से कम होगा उसकी संविदा पर पुर्नविचार किया जायेगा।
कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त समयावधि में तकनीकी संस्थान में पृथक परीक्षा सेल स्थापित किये जाने के साथ-साथ प्लेसमेंट तथा इनक्यूबेशन सेल को भी सक्रिय करें। कुलपति ने निदेशक को जिम्मेदारी दी की कि निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करे कि शिक्षकों द्वारा कक्षा में व्याख्यान के पूर्व ही उनके द्वारा दिये जाने वाले व्याख्यान की डिजीटल काॅपी संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड हो जाये।

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